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अकादमिक जवाब मत दो, अपना जवाब दो!

➧ अभिषेक गोस्वामी वर्ष 1995, मार्च का महीना। सुबह नौ बजे। मैं जयपुर में धूलेश्वर गार्डन के पिछवाड़े, एक घर के दरवाजे के बाहर खड़ा हूं। दरवाजे पर सूत की एक डोरी लटक रही...

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अवाॅर्ड आप रखिए, मैं अपनी इज़्ज़त रखता हूं

उस्ताद इमरत खां ने पद्मश्री अवार्ड को ठुकराते हुए भारत सरकार को जो पत्र लिखा है, वह एक बड़े कलाकार की पीड़ा का दस्तावेज़ बन गया है। वेदना, व्यंग्य और कलाकार के आत्मस्वाभिमान में...

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जहां जाति नहीं, वहां भी वह चिपका दी जाती है

♦शशिभूषण छत्तीसगढ़ के बस्तर में काम कर रही सामाजिक कार्यकर्ता बेला भाटिया कुछ दलित बौद्धिकों की नज़र में सवर्ण महिला हैं। महानगरों में टिके हुए इन चिंतकों को इससे फ़र्क़ नहीं पड़ता कि बेला...

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कर्पूरी ठाकुर को जाति की चौखट पर मत टांगो!

राॅकेट साइंस पर भी बोलते थे और शास्त्रीय संगीत पर भी ➧ शिवानंद तिवारी कर्पूरी जी की जयंती पर भारी मारामारी है। हर रंग की राजनीति के बीच हम ही कर्पूरी जी की राजनीति...

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जीते रहो और किसी न किसी पर मरते रहो!

एक ख़त जॉन एलिया का, अनवर मक़सूद के नाम 26 नवंबर 2008 को कराची आर्ट्स कौंसिल में जॉन एलिया की याद में एक शाम मनायी गयी थी। उसमें अनवर मक़सूद साहब ने जन्नत से...

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जाहिलों पर क्‍या कलम खराब करना!

➧ नदीम एस अख्‍तर मित्रगण कह रहे हैं कि मालदा पर मैं क्यों नहीं लिख रहा। मेरा जवाब है कि नहीं लिखूंगा। भीड़ की शक्ल में दानव की जेहनियत लिए उन जाहिलों पर अपनी...

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Dastan-E-Amir Hamza in Berkeley [California]

➧ vatsala shrivastava Audience is the most ruthless critic. Performer’s stature or surprising gimmicks cannot draw undeserved praise from it. It strikes its palms together only for a special moment in which an artiste...

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साइबर बुलींग प्रताड़ना का नया कल्‍चर है

♦ मोनिका लेंविस्‍की आपके सामने एक ऐसी औरत खड़ी है, जो सार्वजनिक तौर पर दस साल से ख़ामोश रही। ज़ाहिर है, वो ख़ामोशी टूट रही है, और ये हाल में ही शुरू हुआ है।...

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तुम बिल्कुल हम जैसे निकले!

➧ आकार पटेल तुम बिल्‍कुल हम जैसे निकले अब तक कहां छिपे थे भाई वो मूरखता, वो घामड़पन जिसमें हमने सदी गंवायी आखिर पहुंची द्वार तुम्‍हारे अरे बधाई, बहुत बधाई! ➧ फहमीदा रियाज़ आम...

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जानें पहली महिला पत्रकार एनी न्‍यूपोर्ट को

➧ अनुपमा आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। दुनिया भर में महिलाओं के अधिकार, उनकी चुनौतियों और संभावनाओं पर बात होगी। साथ ही अलग-अलग विधाओं में सक्रिय रही महिला नायकों को याद करते हुए उनके...