मंदी से भारत में कुल पांच लाख नौकरियां गयीं
नई दिल्ली, 2 जुलाई। आर्थिक समीक्षा 2008-09 के मुताबिक वैश्विक वित्तीय संकट के कारण अक्टूबर-दिसंबर 2008 के दौरान देश में करीब पांच लाख कामगारों को अपनी नौकरियां गंवानी पड़ी। हालांकि इस आर्थिक समीक्षा में मीडिया की मंदी को नहीं जोड़ा गया है।
समीक्षा में ‘भारत में रोजगार पर आर्थिक मंदी का प्रभाव’ नामक रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि रत्न एवं आभूषण, परिवहन, ऑटोमोबाइल और कपड़ा उद्योग में रोजगार पर वित्तीय संकट का सबसे ज्यादा असर पड़ा। रत्न एवं आभूषण, परिवहन और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में क्रमश: 8.58, 4.03 और 2.42 फीसदी की गिरावट आई।
समीक्षा के अनुसार दिसंबर 2008 की तुलना में जनवरी 2009 में रोजगार की स्थिति का जायजा लेने के लिए किए गए दूसरे सूक्ष्म नमूना सर्वेक्षण से पता चलता है कि जनवरी में करीब एक लाख नौकरियां खत्म हुई।
इसी तरह श्रम ब्यूरो द्वारा 21 केंद्रों के 3,192 यूनिटों में जनवरी से मार्च 2009 की अवधि में किया गया सर्वेक्षण दर्शाता है कि कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में रोजगार में ढाई लाख की वृद्धि होने से कुछ सुधार आया। रत्न व आभूषण (3.08 फीसदी), कपड़ा (0.96 प्रतिशत), आईटीबीपीओ (0.82प्रतिशत), हथकरघा-बिजलीकरघा (0.56 प्रतिशत) और ऑटोमोबाइल (0.10 प्रतिशत) में रोजगार में बढ़ोतरी हुई।












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