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एयर इंडिया कर्मचारियों को कठोर फ़ैसले की चेतावनी

3 July 2009 No Comment

Airindia.mascot.maharajaनई दिल्ली, 3 जुलाई। एयर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अरविंद जाधव ने शुक्रवार को दो घंटे की हड़ताल पर गए कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि कंपनी के सामने उपस्थित गंभीर वित्तीय संकट से निपटने के लिए आवश्यक कठोर फैसले का सामना करने के लिए वे तैयार रहें।

जाधव ने कहा कि एयरलाइन की गंभीर वित्तीय स्थिति को देखते हुए सभी को आने वाले हफ्तों में कठोर फैसलों के प्रभाव के लिए तैयार रहना चाहिए।

जाधव ने कहा कि वेतन और भत्तों का भुगतान हर महीने करना आवश्यक है लेकिन तेल की कीमत और बैंकों की देनदारियां भी समय पर चुकाना है। इसमें असफल रहने पर हमारा संचालन रूक सकता है।

वेतन भुगतान में विलंब के विरोध में एयर इंडिया कर्मियों की शुक्रवार को पूरे देश के हवाई अड्डों पर दोपहर एक बजे से दो घंटे तक हड़ताल के बाद जाधव का बयान आया है।

कंपनी के कार्पोरेट संचार के कार्यकारी निदेशक जितेंद्र भार्गव ने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल से कोई भी उड़ान प्रभावित नहीं हुई।

भार्गव ने कहा कि इस मामले पर कर्मचारियों से वार्ता की कोई आवश्यकता नहीं है और प्रबंधन उनकी मांगों पर विचार कर रहा है।

इससे पहले कंपनी ने हड़ताली कर्मचारियों को वेतन कटौती और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी।

एयर इंडिया कर्मचारियों की सबसे बड़ी यूनियन एयर कार्पोरेशन कर्मचारी संघ (एसीईयू) के संयुक्त सचिव आनंद प्रकाश ने बताया, “हमने दो घंटे की हड़ताल की। हम आंदोलन को कल भी जारी रखेंगे। हम सभी हवाई अड्डों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।”

हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की धमकी से अप्रभावित प्रकाश ने कहा कि हड़ताल से उड़ानें प्रभावित नहीं होंगी।

उन्होंने कहा कि वेतन भुगतान में एक या दो दिन की देरी से हड़ताल की आवश्यकता नहीं है। वेतन भुगतान में विलंब का कारण उन कर्मचारियों की पहचान करना है, जिन्हें पहले वेतन दिया जाना चाहिए। उड़ानों में विलंब न हो इसके लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि पहले निचले वर्ग के कर्मचारियों को वेतन दिया जाएगा, अन्य को 15 जुलाई को वेतन मिलेगा।

कर्मचारियों का कहना है कि तीन जुलाई को वेतन देने के 29 जून के अपने वादे से प्रबंधन पीछे हट गया है।

एसीईयू के महासचिव जे.बी.कादियान ने कहा कि यदि प्रबंधन वेतन में एक या दो दिन का विलंब करना चाहता है तो यह लिखित रूप में क्यों नहीं देता।

विभिन्न यूनियनों ने भी प्रबंधन के साथ बैठक की मांग की है।

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