फिर डर रहे हैं कोसी की बाढ़ से प्रभावित लोग

kosiपटना, 8 जुलाई। पिछले वर्ष कोसी नदी की विभिषिका का ख्याल जेहन में आते ही कोसी प्रभावित लोगों के जख्म हरे हो जा रहे हैं। पिछले 18 अगस्त को आई बाढ़ से प्रभावित लोग अभी से ही मन ही मन ऊंचे स्थानों की तलाश शुरू कर चुके हैं या फिर परिजनों को अन्य रिश्तेदारों के यहां भेजने लगे हैं।

ज्ञात हो कि अभी पूरी तरह बरसात नहीं हुई है परंतु कोसी ने कई तटबंधों तथा बैराज पर अपना दबाव बनाना प्रारंभ कर दिया है। हालांकि प्रशासन इस बार अपनी तैयारी से संतुष्ट है।

सुपौल जिला के किशुनपुर प्रखंड के भेलवा पंचायत के क्लोजर बांध तथा गोपालपुर सिरे पंचायत के क्षेत्रों में कटाव को देखते हुए लोग उंचे स्थानों पर शरण लिये हुए हैं या लेने की तैयारी में हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 18 अगस्त को कोसी नदी के जिस जलस्राव से कुसहा में कोसी ने बांध तोड़ा था उससे ज्यादा जलस्राव हो चुका है। तीन जुलाई को कोसी के बैराज से एक लाख 88 हजार 546 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जो पिछले वर्ष के जलस्राव से अधिक है। हालांकि वर्तमान समय में जलस्राव में कमी दर्ज की गई है।

वीरपुर बैराज के अधीक्षण अभियंता एमएफ हमीद ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को कोसी बैराज से जलस्राव 99 हजार 430 क्यूसेक जबकि बुधवार को तीन बजे जलस्राव मात्र 89,086 क्यूसेक है। उन्होंने बताया कि जलस्राव के कम होने से बैराज में या तटबंधों पर दबाव कम अवश्य हुआ है।

पिछले वर्ष दूध से जले लोग इस बार छाछ भी फूंक-फूंक कर पी रहे हैं। लोगों ने अभी से ही योजना बना कर उस पर अमल करना प्रारंभ कर दिया है। सुपौल जिला के छातापुर प्रखंड के कौआकोल निवासी लालदेव मंडल कहते है कि वे पूरे परिवार के साथ पंजाब कमाने चले जायेंगे।

पिछले वर्ष बाढ़ के पानी में 10 दिनों तक घिरे रहने वाली लालगंज निवासी कौशल्या देवी ने अपने मैके देवघर से अपने भाई को बुलाया है तथा उसके आते ही अपने दो बच्चों के साथ वह मायके चली जाएंगी।

इस बीच, जल संसाधन मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि सभी संवेदनशील तटबंधों का निरीक्षण करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक किसी तटबंध के टूटने की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां कमजोर तटबंध हैं वहां मरम्मत का कार्य भी करवाया जा रहा है।

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