देह का दम और अक्षय कुमार

abraham hindiwala

Akshay Kumar's tattooसाथ में दी गयी तस्‍वीर अक्षय कुमार की है। बता इसलिए रहा हूं कि मोहल्‍ला के पाठक शायद उनके चेहरे से अधिक परिचित न हों। यह तस्‍वीर उनकी आगामी फिल्‍म ब्‍लू की है। इस तस्‍वीर और फिल्‍म से संबंधित खबरें आप पढ़ चुके होंगे या फिर कुछ दिनों में पढेंगे।

आजकल जैसा लिखा जाता है, अगर वैसे लिखूं तो अक्षय कुमार ने इस फिल्म के लिए शरीर सौष्ठव पर ध्यान दिया है। उन्होंने खास कर इस दृश्य के लिए तीन महीने कसरत की। मांसपेशियों को सुडौल बनाने के लिए फलां इंस्ट्रक्टर के साथ रोजाना सुबह चार घंटे का अभ्यास किया। इस दृश्य को करने के लिए वे सीधे जिम से निकले और निर्देशक के ओके करने तक सांसे रोक कर रखीं ताकि मांसपेशियां ठीक से दिख सकें। अक्षय कुमार ने अपने दर्शकों का ख्याल रखते हुए यह कठिन काम किया। इस फिल्म में उनके मुकाबले में संजय दत्त हैं, जिनका शरीर पहले से ही दर्शनीय और चर्चित है। इस फिल्म में दोनों का शरीर देखना रोचक और प्रेरक होगा। अक्षय कुमार ने इस फिल्म में अपना नाम आरव रखा है। अपनी पीठ पर उन्होंने आरव शब्द का टैटू बनवाया। चूंकि फिल्म में उनका ब्लू शब्द से खास लगाव है, इसलिए गर्दन पर ब्लू लिखवाया। हम जल्दी ही आपको अक्षय कुमार के इंस्ट्रक्टर से मिलवाएंगे और बताएंगे कि इस शरीर के लिए उन्होंने क्या-क्या खाया और पिया।

जो लिखना चाहता हूं, वह कुछ यों है…

अपनी पिछली फिल्मों की असफलता और दर्शकों की नापसंदगी से अक्षय कुमार ऐसे झेंपे हुए हैं कि चेहरा दिखाने से बच रहे हैं। उन्होंने दर्शकों को पीठ दिखायी है। चूंकि निर्देशक को उनकी पीठ और मांसपेशियां दिखानी थीं, इसलिए उनका नाम आरव रख दिया गया। आरव उनके बेटे का नाम है। उन्होंने बेटे का नाम अपनी पीठ पर गुदवा रखा है। कुछ और नाम रखा जाता, तो पहले से गोदे गये नाम को छिपाना पड़ता। उसमें समस्या यह थी कि दृश्य पानी में करना था, इसलिए गोदना छिपाने के लिए लगाया गया लेप बह जाता। मजबूरन लेखक को फिल्म में उनका नाम आरव करना पड़ा होगा। अब उसका तुक बिठाने के लिए उनके गर्दन पर ब्लू गोदा गया। मालूम नहीं इससे फिल्म में उनके किरदार और अभिनय में क्या बढ़ोत्तरी हुई होगी? अक्षय कुमार से अभिनय तो होता है नहीं। देह दिखा कर इस ऊंचाई तक पहुंच गये है। एक अक्षय कुमार और दूसरे सुनील शेट्टी, दोनों सिर्फ देह और एक्शन के दम पर ही चलते रहे। बलिहारी दर्शकों की। अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी हमारे हीरो हैं।

♦ अब्राहम हिंदीवाला

पुनश्‍च : जब आरव पैदा हुए थे और अक्षय कुमार से उसके बाद मुलाक़ात हुई थी, तो मैंने एक सवाल पूछा था। पहली बार बेटे को गोद में लेते समय कैसा महसूस कर रहे थे? अक्षय कुमार पहले तो सवाल समझे नहीं। समझाया गया तो बोले क्या महसूस करूंगा? अरे जैसे किसी भी बच्चे को उठाने पर लगता है… वैसा ही लगा था। सही सोचा आप ने… एहसास, भाव, संवेदना आदि थोड़ा कम समझते हैं अक्षय कुमार।

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