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“गूगल गणराज्य” में प्रभाष जोशी के नायकत्व का अंत

11 September 2009 6 Comments

♦ दिलीप मंडल

prabhash joshi graphixआप कह सकते हैं कि क्या फर्क पड़ता है। लेकिन फर्क पड़ता है। और खूब पड़ता है। क्या आपको ये बात चौंकाती है कि गूगल पर “प्रभाष” सर्च करने पर पहले 20 रिजल्ट में 12 रिजल्ट उनके ब्राह्मणवाद और सती के समर्थन में किए गए लेखन और उसपर आई प्रतिक्रिया से जुड़े हैं। ये सर्च 9 सितंबर 2009 बुधवार को दोपहर बाद एक बजे किया गया था। आप भी सर्च करके देखिए इससे मिलते जुलते नतीजे आएंगे।

20 में से 12 यानी 60 फ़ीसदी। तो ये है असर इंटरनेट पर एक मुद्दे को उठाने का। आज दुनिया के किसी भी कोने में बैठा आदमी प्रभाष जी के बारे में जानने की कोशिश करेगा तो उसके पास सबसे प्रभावी औजार गूगल ही है। और गूगल पर जब वो जाएगा, तो उसे प्रभाष जोशी की एक खंडित प्रतिमा मिलेगा। उसे एक ऐसे विवाद की भी जानकारी मिलेगी, जिस पर तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। इस विवाद के कवरेज से उसे प्रभाष जोशी के बारे में एक और पक्ष का पता चलेगा।

आप कह सकते हैं कि इस विवाद के नेट पर आने के साथ ही सर्वमान्य महानायक प्रभाष जोशी की सर्वमान्यता और महानायकत्व का अंत हो गया है।

हिंदी की घुटने पर चल रही वेबसाइट्स ने वो कर दिखाया है जिसकी कल्पना तक कर पाना मुश्किल था। इन्हें गाली दीजिए, भड़ास निकालने का मंच मानिए, कुछ भी कह लीजिए, पर गूगल गणराज्य में इनके असर को नजरअंदाज कर पाना संभव नहीं है। स्वागत है आप सबका विमर्श की इस नई दुनिया में, जहां चीजें जिस तेजी से बनती हैं, उसी तेजी से बिखरती हैं और जहां डेविड बड़े मजे से गोलिएथ को जमीन पर गिरा सकता है और ये कोई मिथकीय किस्सा नहीं है न ही कोई वर्चुअल तमाशा।

देखिए गूगल पर प्रभाष सर्च करने से क्या आता है :

1. प्रभाष जोशी का सेकुलरवाद से गद्दारी …
20 अगस्त 2009 … अंतरजाल पर वामपंथी ताने-बाने का हरेक झंडाबरदार प्रभाष जोशी के पीछे लपक पड़े हैं । रविवार में एक आलेख क्या छपा इनकी नींद उड़ गई ! ब्लॉग से लेकर वेबसाइट तक जोशी के …
janokti.blogspot.com/2009/08/blog-post_7160.html

2. प्रभाष गिरि – विकिपीडिया
भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के कौशाम्बी जिले में जैन धर्मावलम्बियों का प्रमुख तीर्थस्थल प्रभाष गिरि स्थित है। यह तीर्थस्थल सदियों से जैन धर्म के छठे तीर्थकर स्वामी पद्म …
hi.wikipedia.org/wiki/प्रभाष_गिरि

3. प्रभाष : चिट्ठाजगत : धड़ाधड़ छप रहे …
प्रभाष : चिट्ठाजगत: Hindi Blogs, Hindi Blog, Aggregator, Search, Chitha, Chittha, Chitthe, Chitthi, Chithha, Chithhe.
chitthajagat.in/?shabd=प्रभाष

4. कहीं प्रभाष जोशी को निपटा तो नहीं …
आज आलोक तोमर जैसे प्रभाष जोशी के कुछ चेले उसी बात को फिर प्रणामित कर रहे हैं। वो प्रभाष जोशी के बचाव में बहुत नीचे गिर गए हैं। नीचे गिरने वालों में आलोक तोमर अव्वल हैं। …
janatantra.com/2009/08/30/kabir-on-prabhash-joshi

5. प्रभाष जोशी पर चल रहे वामपंथी बाण …
उक्त वामपंथी मित्र ने अपनी पोस्ट में जो शीर्षक दिया है जरा उसे भी देखिये “प्रभाष जोशी! … अगर इन्होने जरा भी प्रभाष जोशी को पढ़ा होता तो ऐसा अनर्गल प्रलाप कदाचित नहीं करते । …
www.pravakta.com/?p=3004

6. Mohalla Live » Blog Archive » अपराधी आलोक तोमर को …
हम प्रभाष जोशी पर ही बात करें। प्रभाष जोशी हिंदी पत्रकारिता के देवता क्यों हैं? … इन दिनों प्रभाष जोशी नंदीग्राम पर किताब लिखने वाले लेखक पुष्पराज की ब्रांडिंग में लगे हुए …
mohallalive.com/…/avinash-react-on-alok-tomar-and-prabhash-joshi/

7. सुप्रसिद्ध पत्रकार प्रभाष जोशी से …
देश के वरिष्ठ पत्रकार और ‘जनसत्ता’ के संपादक प्रभाष जोशी क्रिकेट के प्रति अपने प्रेम को … प्रभाष जी का मानना है कि भारत में सती प्रथा समेत तमाम मुद्दों को अपनी परंपरा में …
raviwar.com/…/B25_interview-prabhash-joshi-alok-putul.shtml

8. नेट का भी अपना समाज है, प्रभाष जी!
23 अगस्त 2009 … सुबह-सुबह हमारे गुरु और हिंदी के या शायद भारत के महान संपादक प्रभाष जोशी का फोन आया। पहले तो उन्होंने यही पूछा कि कहां गायब हो। लेकिन वे जल्दी ही मुद्दे पर आ गए। …
bhadas4media.com/index.php?option=com

9. visfot.com । विस्फोट.कॉम – प्रभाष जोशी प्रभाष जोशी on visfot.com । विस्फोट.कॉम.
visfot.com/author/prabhashjoshi

10. एक ज़िद्दी धुन: प्रभाष जोशी! शर्म …
बड़ा हल्ला रहता आया है कि प्रभाष जोशी पत्रकारिता के शीर्ष पुरुष हैं. उनके शीर्ष पुरुषवादी विचार हमेशा ही सामने आते रहे हैं, यह बात अलग है कि हमारे बहुत से `सेक्युलर`, …
ek-ziddi-dhun.blogspot.com/2009/08/blog-post_19.html

11. तेरा तुझको अर्पण / संदर्भ : निशाने पर …
खास तौर पर इंटरनेट पर जहां प्रभाष जी जाते नहीं, और नेट को समाज मानने से भी इंकार करते हैं, … कहानी रविवार डॉट कॉम में हमारे मित्र आलोक प्रकाश पुतुल द्वारा प्रभाष जी के इंटरव्यू …
es-es.facebook.com/note.php?note_id=122374644077…

12. प्रभाष जोशी Blog | Indian प्रभाष जोशी Blog …
प्रसिद्ध पत्रकार प्रभाष जोशी का मानना है कि पत्रकारिता और साहित्य लेखन में गुणवत्ता के मापदंड लगभग खत्म होते जा रहे हैं। वर्तमान में जो लिखा जा रहा है, वह बाजार में बेचने के …
blogs.oneindia.in/प्रभाष+जोशी/1/showtags.html

13. प्रभाष जोशी – विकिपीडिया
प्रभाष जोशी (जन्म 15 जुलाई 1936) हिन्दी पत्रकारिता के एक स्तंभ हैं। ये हिंदी दैनिक ‘जनसत्ता’ के सम्पादक रह चुके हैं और सम्प्रति ‘तहलका हिंदी’ के लिये लिखते हैं। …
hi.wikipedia.org/wiki/प्रभाष_जोशी

14. Blogger: User Profile: प्रभाष कुमार झा –
Blogger is a free blog publishing tool from Google for easily sharing your thoughts with the world. Blogger makes it simple to post text, photos and video onto your personal or team blog.
www.blogger.com/profile/17748296898078525480

15. क्या यही आपकी परंपरा है प्रभाष जी …
20 अगस्त 2009 … रविवार डॉट कॉम पर छपे प्रभाष जोशी के इंटरव्यू ने एक झटके में वह सब सामने ला दिया है जो अब तक पर्दे की ओट में था। एक गांधीवादी, अहिंसावादी, सेक्यूलर और जनपक्षीय …
janatantra.com/2009/08/20/rajneesh-reply-to-prabhash-ji/

16. राम मंदिर बुझा हुआ कारतूस:प्रभाष जोशी -
नई दिल्ली। प्रख्यात पत्रकार प्रभाष जोशी ने आगामी लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक बार फिर राम मंदिर का मुद्दा उछाले जाने पर कहा है कि यह.
hindi.webdunia.com/news/news/…/10/1090210047_1.htm

17. visfot.com । विस्फोट.कॉम – प्रभाष जी के …
20 जून 2009 … प्रभाष जी के लिखे पर आपत्ति दर्ज करने से पहले अपने गिरेबां में झांकिये.
visfot.com/index.php/corporate_media/1042.html

18. प्रमोद रंजन को प्रभाष जोशी का करारा …
6 सितं 2009 … प्रभाष जोशी समकालीन पत्रकारिता के गांधी उर्फ प्रभाष जोशी ने जिस साहस के साथ मीडिया हाउसों द्वारा खबरों का धंधा करने का विरोध किया और इसके खिलाफ खुलकर सड़क पर उतरे, …
bhadas4media.com/index.php?option=com…

19. media marg: वरिष्ठ पत्रकार प्रभाष जोशी जी … 16 जुलाई 2009 … हिन्दी के वरिष्ठ पत्रकार प्रभाष जोशी का 73 वां जन्मदिन कल यानि 15 जुलाई को गाँधी शांति प्रतिष्ठान में मनाया गया. इस मौके पर करीब 60 लोग मौजूद थे. इनमें से उनके परिवार और …
mediamarg.blogspot.com/2009/07/73.html

20. Mohalla Live » Blog Archive » वर्चुअल गांधी का …
23 अगस्त 2009 … गुरुदेव प्रभाष जोशी जी से कहना आपका चेला गांधी आया था। कमज़ोर धारण-क्षमता की वजह से … प्रभाष जोशी के बचाव में हजारों साल की ट्रेनिंग और धारण क्षमता वाला कोई नहीं आया। …
mohallalive.com/…/verchual-ghandhi-letter-to-prabhash-joshi/

6 Comments »

  • yashvendra singh said:

    प्रभाष जोशी के नायकत्व का अंत..इस महान विजय के लिए आप सब योधाओं को लाख लाख बधाइयाँ. आप का यह लक्ष्य था या गंतव्य, इसपर आप सब खुद ही विचार करेंगे कभी न कभी. उस दिन आज के आप से बaखुद असहमत होंगे…एक शेर हिंदूवादी कारसेवकों के लिए था, वो अब विचारों के नाम पर मानसिक व्यायाम करने वालों के लिए याद आ रहा है.
    ओरिजनल-
    मज़हबी मजदूर सब बैठे है इनको काम दो,
    एस सहर में एक पुरानी सी इमारत और है.
    इसे उ पढें.
    नेट पैर बैठे इन वैचारिक मजदूरों को कोई नाम दो,
    इस सहर में फजीहत करने के लिए कई और है.

    भाइयों अब आप नए किसी par जुट जाएँ. प्रभाष जोशी का सीरियल काफी लम्बा हो गया. कमेन्ट बाज थक गए है. मुह से झाग आ रहा है. देखिये ना, एक दो ही लगे है. बाकी हांफ गए है.

  • नई सहर said:

    यशवेंद्र सिंह ने जो शेर लिखा है उसमें सहर की जगह शहर होना चाहिए। सहर याने सबेरा। शहर यानी नगर।

    प्रभाष जोशी के समर्थन या बचाव में किसी के भी न आने के बाद अब इस थके हुए विवाद यानी बुरी तरह निचुड़े गन्ने से और रस निकालने की कोशिश बंद होनी चाहिए। नए बच्चे जानते भी नहीं हैं कि कौन प्रभाष (ये स्पेलिंग गलत है। हिंदी की किसी डिक्शनरी में ये शब्द इस तरह नहीं लिखा गया है। शब्द है प्रभास) और कौन जोशी। उनके स्टार हैं बरखा दत्त, दीपक चौरसिया और अर्णव गोस्वामी।

    नई सहर है, नए हीरो हैं। प्रभाष जोशी इतिहास में नाम दर्ज कराने की आखिरी कोशिश के तौर पर रविवार को इंटरव्यू दे चुके हैं। अब उन्हें छोड़ देँ।

  • santosh said:

    इंटरनेट के महापंडित माननीय दीलीप मंडल से मेरा आग्रह है कि जिस तरह आपने प्रभाष जोशी जी के बारे में गुगल पर अभियान चलाकर अपने शब्दों में महानायकत्व और सर्वमान्यता(मुझे नहीं लगता है कि प्रभाष जी खुद को कभी महानायकत्व का दर्जा दिया है) का अंत कर दिया है, उसी तरीके से मेरा आग्रह है कि देश में भूख, रोटी, और बेरोजगारी जैसे महान समस्याओँ के खिलाफ भी इंटरनेट पर मुहिम चलाएँ ताकि एक दिन गुगल पर कुछ दिनों के बाद हम सर्च करें तो इसे भी खत्म के रूप में देख पाएंगे। अपने आप से किसी को महिमामंडित करने और उस का खंडित करने का जो दुस्वपन माननीय दीलीप मंडल ने देखा है उसके लिए उनका धन्यवाद।
    मंडल जी, गुगल ही दुनिया नहीं है। अपने आस-पास नजर दौड़ाइए, दुनिया बहुत बड़ी है। और हम आप इस दुनिया की मात्र इकाई भर हैं।
    आंकड़े से अगर सचमुच सबकुछ खत्म हो जाता तो साहब पिछले साठ सालों में सरकार सिर्फ आंकड़े ही परोस रही है लेकिन गरीबी, बेरोजगारी आज भी जस की तस है। गांव जाइए देखिए, कि हकीकत क्या है। इंटरनेट पर बहसबाजी कीजिए लेकिन एजेंडा तय मत कीजिए, कि हम जो लिखेंगे वही सच होगा।
    भाई साहब, विचार सिर्फ रखे नहीं जाते उसपर बहस होती है दादागिरी नहीं। मुझे उनके बहस या तर्क पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन आपत्ति है तो सिर्फ इस लाइन पर जिसमें उन्होंने ये कहा है
    “आप कह सकते हैं कि इस विवाद के नेट पर आने के साथ ही सर्वमान्य महानायक प्रभाष जोशी की सर्वमान्यता और महानायकत्व का अंत हो गया है।”
    बहस या विचार कभी अपने नहीं होते, बल्कि सामाजिक मुद्दे से सरोकार होता है उसका और अपने से ही बहस शुरू करके अपने शब्दों में ही उसका अंत कर देना, कुछ आंकड़े परोस देना मात्र भर नहीं है। बहस कीजिए,तो सार्थक कीजिए। एक पत्रकार के रूप मे मंडल जी को मैं बहुत पहले से जानता रहा हूं। लेकिन प्रभाष जोशी या किसी ऐसे व्यक्ति जो नेट से सरोकार नहीं रखता हो, आपके बहस में भाग नहीं ले रहा हो,को अपने शब्दों के मायाजाल से छिछालेदार करना कोई बड़प्पन नहीं है। पत्रकारिता में हैं अगर बहुत बहस ही करना है और बहुत बड़ा मुद्दा ही पकड़ना है तो वीओआई बंद हो गया उसपर बहस शुरू कीजिए न। कौन रोकता है आपको।
    650 लोग सड़क पर आ गए। सरकार या तथाकथित मीडिया के मठाधीशों की आंखों में एक रत्ती भर भी पत्रकार बिरादरी की चिंता नहीं। इस मुद्दे पर आगे आईए ना, हम सब आपके साथ होंगे। क्यों नहीं मायावती को घेरते हैं दीलीप मंडल भाई। नोएडा तो उनके राज्य में ही आता है न और वीओआई का मालिक भी तो आगरा से ही ताल्लुकात रखते हैं। बहस करिए लेकिन मुद्दों पर। लठैती मत करिए जनाब

  • jayram "viplav" said:

    गूगल पर “प्रभाष” सर्च करने पर पहले 20 रिजल्ट में 12 रिजल्ट उनके ब्राह्मणवाद और सती के समर्थन में किए गए लेखन और उसपर आई प्रतिक्रिया से जुड़े हैं। बात तो सही है पर पहला रिजल्ट तो पढो भाई देखो जनोक्ति के ब्लॉग पर क्या छापा है ? इसमें प्रभाष जी को नायक ही बनाया गया है जिसके वो लायक हैं , परन्तु आप जैसे महान पत्रकार यहाँ हल्ला लाइव पर बगैर पढ़े लिखे चिल्लाते हैं और ऊपर के ये दो महानुभाव भी बगैर पढ़े सुर में ताल दे रहे हैं . शर्म आणि चाहिए आपको ऐसी पातित्कारिता करते हुए !

  • blogwalebaba said:

    ऐसी ओछी मानसिकता रखनेवालों का यहीं अंजाम होना है। ऐसे मानवता के खिलाफ मानसिकता रखनेवाले को मरने के बाद भी चैन नहीं मिलेगा। भले हीं जातिगत,द्विज, पुरुषवादी, नस्लवादी अहंकार में पड़े लोग इस कोढ़ को ढ़ंकने के लिए लाख चादर डालें। पर आनेवाले समय की खुले दिल दिमागवाली पीढ़ी ऐसे घटिया लोगों को कभी माफ नहीं करेगी।

  • BURN Budget Hundred Day SUSTAINED Campaign Launched Nationwide.Urban Dreams Dilutes Aboriginal Indigenous Rural India! « Palashbiswaskl’s Weblog said:

    [...] प्रभाष जोशी के नायकत्व का अंत [11 Sep 2009 | 5 Comments | ] दिलीप मंडल ♦ आज दुनिया के किसी भी [...]

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