व्हाट्स योर राशि नहीं चली, लेकिन आशुतोष चल रहे हैं

ह्वाट्स योर राशि ज्यादातर समीक्षकों को पसंद नहीं आयी। उन्हें आशुतोष गोवारिकर ने निराश किया। मुझे आशुतोष ने नहीं निराश नहीं किया। अलबत्ता यह तकलीफ जरूर हुई कि आशुतोष पिछली फिल्मों की तरह सफल नहीं हो सके। आशुतोष 21 वीं सदी के अग्रणी फिल्ममेकर हैं। उनकी फिल्में किसी न किसी मकसद को लेकर चलती हैं। वे सिर्फ मुनाफे लिए फिल्में नहीं बनाते। कुछ आलोचकों और दर्शकों ने उनकी ह्वाट्स योर राशि को बुरी फिल्म कहा है। मैं इस तथ्य से सहमत नहीं हो पा रहा हूं।
ह्वाट्स योर राशि बुरी फिल्म नहीं है। आशुतोष की पहला नशा बुरी फिल्म थी। क्या आपने उसका नाम सुना है। उनकी बाजी भी बुरी फिल्म थी। इन दोनों फिल्मों के बाद आशुतोष ने खुद को खोजा। वे लगान लेकर आये। लगान के बाद स्वदेस और फिर जोधा अकबर से उन्होंने साबित किया कि उनके पास एक विजन है। वे सिर-पैर वाली फिल्में ही बनाते हैं। वे अपनी फिल्मों में कुछ नया और अर्थपूर्ण दिखाने की कोशिश करते हें। इस बार वे पिछली तीन फिल्मों की तरह सफल नहीं रहे। क्या किसी का असफल हो जाना घटिया काम है। आशुतोष की फिल्में सुरक्षित जोन में नहीं रहतीं। वे चाहते तो लगान की कामयाबी के बाद उसी फार्मूले पर फिल्में बनाते रहते। आशुतोष ने अपनी हर फिल्म में नयी कहानी चुनी और उस कहानी के मुताबिक शिल्प और संरचना में बदलाव किया। यहां उनके समकालीनों की तुलना करना उचित नहीं होगा। प्रसंगवश दूसरे फिल्मकारों की फिल्मों के बरक्स आशुतोष की फिल्में परखी जा सकती हैं।
मुबई की समस्या यह है कि यहां सफलता का मतलब फिल्मों के चलने से जोड़ दिया जाता है। अगर फिल्म न चले तो उसे बुरी फिल्म कह दिया जाता है। हम बुरी, असफल और फ्लॉप फिल्मों को एक ही श्रेणी में रख देते हैं। आशुतोष की फिल्म पर फैसला सुनाने के पहले फिल्म की क्वालिटी और गुणों को भी परखें। मेरा मानना है कि प्रयोगधर्मी फिल्मकार इस बार अपने ध्येय को नहीं पा सके। वे अपने प्रयोग में असफल रहे। प्लीज़ उनकी असफलता को उनकी अयोग्यता न समझें।
आशुतोष इस फिल्म से निराश नहीं हैं।
♦ अब्राहम हिंदीवाला









अब्राहम,
मुझे लगता है–अगर फिल्म चले तो उसे बुरी फिल्म कह दिया जाता है—पंक्ति में फिल्म ना चले…होना चाहिए था…। क्या मैं सही हूं?
जी,बिल्कुल सही कहा आप ने। मॉडरेटर महोदय इसे सुधार दें।
चंडीदत्त जी और अब्राहम जी, वाक्य दुरुस्त कर दिया गया है। इस भूल के लिए क्षमा।
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