राजस्‍थान के जनकवि हरीश भादानी नहीं रहे

♦ जगदीश चतुर्वेदी

Harish Bhadaniहिंदी के प्रसि‍द्ध जनकवि‍ हरीश भादानी का आज नि‍धन हो गया। उनका हिंदी की लोकप्रि‍य प्रगति‍शील परंपरा में महत्‍वपूर्ण योगदान था। मंचीय कवि‍ताओं से लेकर साहि‍त्‍यि‍क कवि‍ताओं के श्रेष्‍ठतम प्रयोगों का बेजोड़ खज़ाना उनके यहां मि‍लता है। हिंदी और राजस्‍थानी कवि‍ता की पहचान नि‍र्मित करने में हरीशजी की केंद्रीय भूमि‍का थी।‍ हरीश भादानी राजस्‍थान के बीकानेर में रहते थे। वहीं पर आज उनका नि‍धन हुआ। वे कुछ समय से अस्‍वस्‍थ चल रहे थे। जनता के संघर्षों और ज़‍िंदगी के साथ एकमेक होकर जीने वाले कवि‍ थे। आम जनता में हरीश जी की कवि‍ताएं जि‍स तरह जनप्रि‍य थीं, वैसी मि‍साल नहीं मि‍लती। राजस्‍थान के वि‍गत चालीस सालों के प्रत्‍येक जन आंदोलन में उन्‍होंने सक्रि‍य रूप से हि‍स्‍सा लि‍या था। राजस्‍थानी और हिंदी में उनकी हज़ारों कवि‍ताएं हैं। ये कवि‍ताएं दो दर्जन से ज्‍यादा काव्‍य संकलनों में फैली हुई हैं। इसके अलावा सैंकड़ों अप्रकाशि‍त कवि‍ताएं भी हैं। मजदूर और कि‍सानों के जीवन से लेकर प्रकृति‍ और वेदों की ऋचाओं पर आधारि‍त आधुनि‍क कवि‍ता की प्रगति‍शील धारा के नि‍र्माण में उनकी महत्‍वपूर्ण भूमि‍का थी। इसके अलावा हरीशजी ने राजस्‍थानी लोकगीतों की धुनों पर आधारि‍त सैंकड़ों जनगीत लि‍खें हैं, जो मजदूर आंदोलन का कंठहार बन चुके हैं।

हरीश भादानी का जन्‍म 11 जून 1933 को बीकानेर (राजस्‍थान) में हुआ। सन 1960-1974 तक वातायन पत्रि‍का का संपादन कि‍या। जनवादी लेखक संघ के वे संस्‍थापक सदस्‍यों में थे। उनकी मार्क्‍सवादी वि‍चारों और भारतीय संस्‍कृति‍ के प्रति‍ गहरी आस्‍था थी। उन्‍हें राजस्‍थान साहि‍त्‍य अकादमी, मीरा प्रि‍यदर्शि‍नी अकादमी, परि‍वार अकादमी महाराष्‍ट्र, पश्‍चि‍म बंग हिंदी अकादमी, केके बि‍ड़ला फाउंडेशन से साहि‍त्‍य सम्‍मान और पुरस्‍कार मि‍ले।

books of harish bhadani

हिंदी में प्रकाशि‍त पुस्‍तकें
अधूरे गीत (हिंदी-राजस्थानी) 1959 बीकानेर
सपन की गली (हिंदी गीत कविताएं) 1961 कलकत्ता
हंसिनी याद की (मुक्तक) सूर्य प्रकाशन मंदिर, बीकानेर 1963
एक उजली नजर की सुई (गीत) वातायान प्रकाशन, बीकानेर 1966 (दूसरा संस्करण – पंचशील प्रकाशन, जयपुर)
सुलगते पिंड (कविताएं) वातायान प्रकाशन, बीकानेर 1966
नश्टो मोह (लंबी कविता) धरती प्रकाशन बीकानेर 1981
सन्नाटे के शिलाखंड पर (कविताएं) धरती प्रकाशन, बीकानेर 1982
एक अकेला सूरज खेले (कविताएं) धरती प्रकाशन, बीकानेर 1983 (दूसरा संस्करण – कलासन प्रकाशन, बीकानेर 2005)
रोटी नाम सत है (जनगीत) कलम प्रकाशन, कलकत्ता 1982
सड़कवासी राम (कविताएं) धरती प्रकाशन, बीकानेर 1985
आज की आंख का सिलसिला (कविताएं) कविता प्रकाशन, 1985
विस्मय के अंशी है (ईशोपनिषद व संस्कृत कविताओं का गीत रूपांतर) धरती प्रकाशन, बीकानेर 1988
साथ चलें हम (काव्यनाटक) गाड़ोदिया प्रकाशन, बीकानेर 1992
पितृकल्प (लंबी कविता) वैभव प्रकाशन, दिल्ली 1991 (दूसरा संस्करण – कलासन प्रकाशन, बीकानेर 2005)
सयुजा सखाया (ईशोपनिषद, असवामीय सूत्र, अथर्वद, वनदेवी खंड की कविताओं का गीत रूपांतर) मदनलाल साह एजुकेशन सोसायटी, कलकत्ता 1998
मैं मेरा अष्टावक्र (लंबी कविता) कलासान प्रकाशन बीकानेर 1999
क्यों करें प्रार्थना (कविताएं) कवि प्रकाशन, बीकानेर 2006
आड़ी तानें-सीधी तानें (चयनित गीत) कवि प्रकाशन बीकानेर 2006
अखिर जिज्ञासा (गद्य) भारत ग्रंथ निकेतन, बीकानेर 2007

राजस्थानी में प्रकाशित पुस्तकें
बाथां में भूगोळ (कविताएं) धरती प्रकाशन, बीकानेर 1984
खण-खण उकळलया हूणिया (होरठा) जोधपुर जलेस
खोल किवाड़ा हूणिया, सिरजण हारा हूणिया (होरठा) राजस्थान प्रौढ़ शिक्षण समिति जयपुर
तीड़ोराव (नाटक) राजस्थानी भाषा-साहित्य संस्कृति अकादमी, बीकानेर पहला संस्करण 1990, दूसरा 1998
जिण हाथां आ रेत रचीजै (कविताएं) अंशु प्रकाशन, बीकानेर

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