ओसियान की रंगत ख़त्म, अब स्लोवाक फिल्म फेस्टिवल
♦ उमेश पंत
सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में ओसियान की रंगत ख़त्म। ओसियान के पिटारे से निकली सौ से ज़्यादा देशी-विदेशी फिल्मों का लुत्फ लोगों ने खूब लिया। पर कई लोगों की ये शिकायत भी रही कि इस बार ओसियान की टिकट महंगी हो गयी। तीन सौ रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस कई लोगों को रास नहीं आयी। वैसे इस बार ओसियान में लोगों की आवाजाही पिछले सालों की अपेक्षा कम रही। हो सकता है फीस का बढ़ना इसके कारणों में से एक हो। खैर इस फिल्म फेस्टिवल की समाप्ति के बाद अब सिरीफोर्ट में स्लोवाक फिल्मों का दौर चलने वाला है। आपमें से कई के लिए ये राहत की बात हो सकती है कि यहां फिल्में मुफ्त में दिखाई जाएंगी। यह फेस्टिवल आज से ही शुरू हो रहा है और दो तारीख तक चलेगा। आज शाम 6.30 पर ओप्निंग फिल्म ब्लाईन्ड लव्स दिखायी जाएगी। 77 मिनट की इस फिल्म के निर्देशक जुराज नवोटा वहां मौजूद रहेंगे। पहली को शाम तीन बजे म्यूजिक दिखायी जायेगी। फिर 6 बजे से दूसरी फिल्म द सिटी आफ द सन देखने को मिलेगी। दो को तीन बजे गिप्सी वर्जन और 6 बजे द रिटर्न आफ द स्टोर्कस का प्रदर्शन किया जाएगा। तो स्लोवाकियन फिल्मों से रूबरू होने का मन हो, तो हो आइए सिरीफोर्ट फिर से।
(उमेश पंत। सजग चेतना के पत्रकार, छात्र। सिनेमा और समाज के ख़ास कोनों पर नज़र रहती है। मोहल्ला, नयी सोच और पिक्चर हॉल नाम के ब्लॉग पर लगातार लिखते हैं। फिलहाल जामिया मिल्लिया के एमसीआरसी से मास कम्यूनिकेशन में एमए कर रहे हैं। उनसे mshpant@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।)












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