Home » Archive

Articles Archive for November 2009

समाचार »

[30 Nov 2009 | No Comment | ]
सुजैन बोयल के पहले एलबम की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री

डेस्‍क ♦ स्कॉटलैंड की गायिका सुजैन बोयल की पहली एलबम ‘आई ड्रीम्ड ए ड्रीम’ ब्रिटेन के इतिहास में सबसे अधिक बिकने वाला किसी कलाकार का पहला एलबम बन गया है। रविवार को घोषणा की गयी कि ‘ब्रिटेन्स गॉट टैलेंट’ रियलिटी शो से दुनियाभर में छा जाने वालीं 48 वर्षीय गायिका का पहला एलबम ‘आई ड्रीम्ड ए ड्रीम’ की 410,000 से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं। इसे किसी कलाकार के सबसे अधिक बिकने वाले पहले एलबम के रूप में दर्ज किया गया है। वेबसाइट ‘कांटेक्ट म्यूजिक डॉट कॉम’ के मुताबिक बोयल के एलबम ने बिक्री के मामले में लिओना लीविस के पहले एलबम ‘स्पिरिट’ और आर्कटिक मंकी के पहले एलबम ‘व्हटएवर पीपुल से, आई एम, दैट्स व्हाट आई एम नॉट’ को पीछे छोड़ दिया है।

मीडिया मंडी, मोहल्ला दिल्ली, समाचार »

[30 Nov 2009 | Comments Off | ]
दिल्‍ली प्रेस एसोसिएशन का चुनाव पांच दिसंबर को

डेस्‍क ♦ अभी अभी प्रेस क्‍लब में पदाधिकारियों की चुनाव प्रक्रिया ख़त्‍म हुई है और अब प्रेस एसोसिएशन के पदाधिकारियों के चुनाव की बारी है। पांच दिसंबर को होने वाले दिल्‍ली प्रेस एसोसिएशन के चुनाव में अध्‍यक्ष पद के लिए इस बार एक युवा और जुझारू पत्रकार मैदान में है। नाम है शिशिर सोनी। शिशिर दैनिक भास्‍कर के दिल्‍ली ब्‍यूरो में वर‍िष्‍ठ (विशेष) संवाददाता हैं और पिछले लगभग दस सालों से भास्‍कर के लिए संसद की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। मौजूदा अध्‍यक्ष वरिष्‍ठ पत्रकार जयशंकर गुप्‍त हैं, जो फिलहाल नागपुर में हैं और लोकमत समाचार से जुड़े हैं। उनका कार्यकाल इस साल ख़त्‍म हो रहा है। 2006 के चुनाव में द हिंदू के पत्रकार केवी प्रसाद को हराकर वे प्रेस एसोसिएशन के अध्‍यक्ष बने थे।

नज़रिया »

[30 Nov 2009 | No Comment | ]
गंदगी पर साफ़गोई

राजेश प्रियदर्शी ♦ जयराम ने गंदगी की बात की तो मानो सबको अपनी-अपनी गंदगियों का खयाल आ गया और दिल दुखने लगा। एक पूर्व मंत्री बोले कि इस तरह कचरे की बात करने से देश की साख गिर जाएगी। उन्हें शायद लगता है कि विदेशी पर्यटक आएंगे तो वे कचरे के ढेर को भी इक्रेडिबल इंडिया का टूरिस्ट एट्रैक्शन समझ लेंगे और इंडिया की साख बची रहेगी। पर्यावरण मंत्री की ही पार्टी के लोग कह रहे हैं कि उन्हें सही शब्दों का चुनाव करना चाहिए था, शायद कचरे के बारे में बात करने से पहले थिसॉरस पलटना चाहिए था। अगर तैमूरलंग के राज में कोई मुहावरे के तौर पर कहता कि आपका प्रशासन लंगड़ा है, तो उसकी क्या दशा होती? गंदगी के राज में ऐसी बात कहना साफ़ दिखाता है कि जयराम रमेश में राजनीतिक परिपक्वता का अभाव है।

ख़बर भी नज़र भी, नज़रिया »

[30 Nov 2009 | 6 Comments | ]
वाजपेयी का मुखौटा या संघ का खिलौना

आशुतोष ♦ आडवाणी और जोशी को तो सभी कट्टर हिंदूवादी मानते हैं और इन दोनों ने इसे कभी छिपाने की कोशिश भी नहीं की, लेकिन वाजपेयी ने हमेशा ये जताया कि वो कभी भी अयोध्या आंदोलन के पक्ष में नहीं थे और न ही बाबरी मस्जिद ढहाने को उन्होंने कभी सही माना। यह वाजपेयी का वो चेहरा है, जिसे कुछ बीजेपी विरोधी भी संदेह का लाभ दे नेहरूवादी परंपरा में डालने की गुस्ताखी करते हैं। लेकिन ऐसा करने वाले ये भूल जाते हैं कि वाजपेयी दिल और दिमाग दोनों से ही संघी थे और उन्होंने ये कभी भी नहीं छिपाया कि वो स्वयंसेवक नहीं थे। मुझे याद पड़ता है 1999 में न्यूयार्क में प्रधानमंत्री के तौर पर दिया उनका भाषण। उन्होंने कहा था वो पहले स्वयंसेवक हैं। बाद में जब हंगामा मचा तो प्रधानमंत्री कार्यालय ने सफाई दी।

मीडिया मंडी, समाचार »

[29 Nov 2009 | No Comment | ]
सुमित रॉय को सहारा समय से हटाया, घोटाले का आरोप

डेस्‍क ♦ न्‍यूज़ चैनल सहारा समय के सीईओ सुमित रॉय से उनकी गद्दी छीन ली गयी है। उनसे ज़बर्दस्‍ती इस्‍तीफा ले लिया गया है। इस ख़बर पर लखनऊ से मुहर लगनी बाकी है। वहां से नोटिस आना बाकी है। उनके ख़‍िलाफ़ कार्रवाई के पीछे भी भारी वित्तीय अनियमितता बतायी जा रही है। सहारा में सुमित रॉय का कार्यकाल काफी विवादों के घेरे में रहा है। बीते कुछ महीनों में सहारा से सैकड़ों लोगों को हटाया गया है। यही नहीं, जिस उद्देश्य से उन्हें दोबारा सहारा समय का सीईओ बनाया गया था, वो लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। चैनल के प्रदर्शन में भी कोई सुधार नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में सहारा समय के उच्च पदों से अभी कुछ और लोगों को हटाया जा सकता है।

ख़बर भी नज़र भी, नज़रिया, मोहल्ला मुंबई, शब्‍द संगत »

[29 Nov 2009 | 5 Comments | ]
हिंदी मराठी ज़िंदाबाद, भारतमाता कौन हैं आप?

वीना ♦ तभी तिरंगी पट्टी थामे कुछ हाथ मैदान में आये और शब्दों की पट्टी गले में पहने एक कन्या को बिन चेहरे के हथियारों के बीच खड़ा कर गायब हो गये। पट्टी पर लिखा है – ‘मराठी हिंदी की छोटी बहन या मौसी है। एक के प्रयोग से दूसरे के अपमान का सवाल ही नहीं उठता।’ कन्या के दो मुखौटे हैं। एक पर लिखा है ‘हिन्दी’ और दूसरे पर ‘मराठी।’ अपनी जान आफत में देख कन्या डरी-सहमी थर-थर कांप रही है। तिरंगे पट्टीधारी हाथों की इस हरकत से मुकुटधारी और नफ़रत से भर गये। इधर अकेली कन्या को देख दोनों तरफ के बिन चेहरे के हथियार अपना आपा खो बैठे, और कन्या के जिस्म से वस्त्र नोचने लगे।

ख़बर भी नज़र भी, नज़रिया, समाचार »

[29 Nov 2009 | 8 Comments | ]
फ़ैसला आ गया है… न्‍यूडिटी चलती रहेगी…

उमेश चतुर्वेदी ♦ 1995 में मिलिंद सोमण और मधु सप्रे की न्यूड जोड़ी की एक नंगी तस्‍वीर एक पत्रिका के कवर पेज पर छपी। इस साल दो नये सितारों की कुछ वैसी ही तस्‍वीर छपी। 1995 और 2009 के बीच महज चौदह साल का फासला है, लेकिन सोच के धरातल पर हमारी दुनिया कितनी बदल गयी है, इसका जीवंत उदाहरण है शौर्या और बन्नी के विज्ञापन का नोटिस भी नहीं लिया जाना। 1995 में जब ये विज्ञापन पहली बार एक फिल्मी पत्रिका के कवर पृष्ठ पर छपा था, तो जैसे हंगामा बरप गया था। शिवसेना ने इसका न सिर्फ ज़ोरदार विरोध किया था, बल्कि इसके खिलाफ कोर्ट भी गयी थी। लेकिन आज न तो शौर्या पर कोई सवाल उठ रहा है और न ही उसका साथ दे रहे बन्नी आनंद पर।

ख़बर भी नज़र भी, मीडिया मंडी, समाचार »

[28 Nov 2009 | No Comment | ]
आपात काल में मीडिया पर रहेगा अंकुश

अमिताभ पराशर ♦ सूचना व प्रसारण मंत्रालय के इस प्रस्ताव के मुताबिक, किसी भी राष्ट्रीय विपदा की स्थिति में तीन केंद्रीय मंत्रालयों के केंद्रीय मंत्रियों की एक टीम बनेगी। इस टीम में सूचना व प्रसारण मंत्री, गृह मंत्री और संबंधित आपदा से जुड़े मंत्रालय के मंत्री सदस्य होंगे। इन तीनों के विचार विमर्श के बाद सरकार जिस सूचना को मीडिया से बांटना चाहेगी, उसे संभवत: भारत सरकार के मुख्य सूचना अधिकारी के जरिये उपलब्ध कराया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि सूचना व प्रसारण मंत्रालय द्वारा शीघ्र ही जारी होने वाले इन दिशा-निर्देशों में मीडिया, खासकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए कुछ स्पष्ट दिशा-निर्देश होंगे, जिनका पालन अनिवार्य होगा। इनमें मुंबई हमलों जैसी घटना के दौरान लाइव प्रसारण पर रोक का प्रावधान है।

मीडिया मंडी, मोहल्ला दिल्ली, मोहल्ला मुंबई, समाचार »

[28 Nov 2009 | Comments Off | ]
एनडीटीवी लाइफस्टाइल के बाद अब इमैजिन बेचने की तैयारी

जनतंत्र डेस्क ♦ इंडियन एक्सप्रेस की यह ख़बर सही निकलती है तो एनडीटीवी के प्रमोटर अब एनडीटीवी इमैजिन को बेचने की तैयारी में जुटे हैं। करीब डेढ़ साल पहले यह चैनल बड़े तामझाम के साथ शुरू हुआ था। लेकिन कंपनी की माली हालत इतनी ख़राब है कि अब वह इस सफेद हाथी को ज्यादा दिनों तक नहीं पाल सकती। आर्थिक संकट से उबरने के लिए एक हफ़्ते पहले ही एनडीटीवी ने अपना लाइफस्टाइल चैनल एनडीटीवी गुडटाइम्स के 69 फीसदी शेयर एक विदेशी कंपनी स्क्रिप्स को बेच दिए थे। रिपोर्ट के मुताबिक इमैजिन के सौदे के लिए टाइम वार्नर से बातचीत अंतिम चरण में है। इस सौदे से जुड़े दो करीबी लोगों ने बताया है कि एनडीटीवी अपनी पूरी हिस्सेदारी करीब 75-80 फीसदी टर्नर ब्रॉडकास्टर्स को बेच सकती है।

मीडिया मंडी, समाचार »

[28 Nov 2009 | 10 Comments | ]
मतंग की ड्रीम लॉटरी परियोजना पर ‘अमर’ ग्रहण का साया

डेस्‍क ♦ अमर सिंह ने 24 नवंबर को संसद में कुछ बातें रखीं। लॉटरी से जुड़ा बिल लाने की तैयारी कर रही कांग्रेस पर बरसे। कहा कि गन्‍ना किसानों के मुद्दे पर मुंह की खाने के बाद किसानों को तबाह करने के लिए लॉटरी का खेल फिर शुरू करने की साज़‍िश चल रही है। अपने भाषण में उन्‍होंने कांग्रेस से जुड़ी किसी शख्‍सीयत का ज़‍िक्र किया। नाम नहीं बताया। कहा कि इनके पास मीडिया भी है। अमर ने बताया कि वे सज्‍जन लॉटरी का धंधा जमाने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। लंबा भाषण है – आप उसे पढ़ें – लेकिन हम उन सज्‍जन के नाम से पर्दा उठा देते हैं। उनका नाम है मतंग सिंह। फोकस टीवी और हमार टीवी के मालिक। नरसिम्‍हा राव सरकार में यूनियन मिनिस्‍टर रहे। असम में बड़ा कारोबार है।