अख़बारों ने पन्‍ने निकाले, जागरण/नभाटा ने अंडरप्‍ले किया

देर रात प्रभाष जी का इंतक़ाल हुआ। दिल्‍ली के अख़बार तो नहीं, लेकिन कई क्षेत्रीय अख़बारों ने अपने शहरी संस्‍करणों में इस मनहूस ख़बर को छापी। लेकिन दूसरे दिन लगभग अख़बारों ने सम्‍मानपूर्वक प्रभाष जी को याद किया। उन पर पूरा का पूरा पन्‍ना निकाला। प्रभात खबर से लेकर नई दुनिया तक में उनके साहस से भरे पत्रकारीय जीवन को भावपूर्ण तरीके से याद किया। लगभग अख़बारों के प्रधान-समूह संपादकों ने उन पहले पन्‍ने पर एडिटोरियल लिखा। लेकिन खबरों के धंधे में जागरण की खबर लेने वाले प्रभाष जोशी से इस अखबार ने उनकी मौत की खबर अंडरप्‍ले करके बदला लिया। ये एक अख़बार की छोटी मानसिकता का परिचय देता है। जाहिर है, ऐसे अख़बार पाठकों के साथ धंधा तो कर सकते हैं, उनसे दिल का रिश्‍ता नहीं बना सकते। दूसरी ओर नवभारत टाइम्‍स ने तो प्रभाष जी के निधन की ख़बर छापी तक नहीं। हम कुछ अख़बारों की कतरनें यहां रख रहे हैं: मॉडरेटर

jansatta

prabhash ji in prabhatkhabar

bhaskar

prabhash ji in naidunia

prabhash ji in jagran

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