दिल्ली प्रेस एसोसिएशन का चुनाव पांच दिसंबर को
अभी अभी प्रेस क्लब में पदाधिकारियों की चुनाव प्रक्रिया ख़त्म हुई है और अब प्रेस एसोसिएशन के पदाधिकारियों के चुनाव की बारी है। पांच दिसंबर को होने वाले दिल्ली प्रेस एसोसिएशन के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए इस बार एक युवा और जुझारू पत्रकार मैदान में है। नाम है शिशिर सोनी। शिशिर दैनिक भास्कर के दिल्ली ब्यूरो में वरिष्ठ (विशेष) संवाददाता हैं और पिछले लगभग दस सालों से भास्कर के लिए संसद की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। मौजूदा अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार जयशंकर गुप्त हैं, जो फिलहाल नागपुर में हैं और लोकमत समाचार से जुड़े हैं। उनका कार्यकाल इस साल ख़त्म हो रहा है। 2006 के चुनाव में द हिंदू के पत्रकार केवी प्रसाद को हराकर वे प्रेस एसोसिएशन के अध्यक्ष बने थे। उस वक्त जयशंकर गुप्त हिंदुस्तान में थे। हिंदुस्तान से ही जुड़े राजीव रंजन नाग उस चुनाव में एसोसिएशन के महासचिव चुने गये थे। एचटी ग्रुप की बल्क वोटिंग के चलते इन पत्रकारों ने दिल्ली प्रेस एसो. पर कब्ज़ा जमाया था। दिलचस्प ये है कि पिछले चुनाव में हारने के बाद केवी इस बार भी भाग्य आजमा रहे हैं।
चुनाव में केवी प्रसाद और शिशिर सोनी आमने-सामने हैं। शिशिर जहां युवतर शख्स हैं, वहीं केवी थोड़े बुज़ुर्ग हैं। टक्कर लगभग बुज़ुर्गियत और तरुणाई के बीच जैसी है। केवी प्रसाद को जहां अपने पुरानेपन का फ़ायदा मिल सकता है, वहीं शिशिर सोनी की लोकप्रियता उन पर भारी भी पड़ सकती है। साथ ही शिशिर को हिंदी का पत्रकार होने का फ़ायदा मिल सकता है। पिछले कुछ सालों में हिंदी का वोट प्रतिशत बढ़ा है।
प्रेस एसोसिएशन पत्रकारों की सबसे बड़ी संस्था है। सरकार इसके सदस्यों को अभिप्रमाणित करती है। प्रधानमंत्री सीधे इसके अधिकारियों से मुख़ातिब होते हैं। इस समय में जब मीडिया पर अंकुश को लेकर सरकार रणनीतिक तौर पर सतर्क दिखती है, ऐसे संगठनों की ज़रूरत और उसकी भूमिका मायने रखती है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीक़े से दिल्ली प्रेस एसोसिएशन पिछले कुछ दशकों से लगातार गुमनामी में रहा है। वजह है – पदाधिकारी बन जाने के बाद इसे जेबी संस्था बना लिया। आठ-नौ पत्रकारों का ग्रुप इस पर हमेशा काबिज़ होने की फिराक में रहते आये हैं और सफल भी होते रहे हैं। लेकिन इस बार सदस्य एसोसिएशन की बॉडी का कायापलट चाहते हैं। इसकी बॉडी तीन साल के लिए बनती है। दस पदाधिकारियों में बॉडी में एक प्रेसीडेंट, एक वाइस प्रेसीडेंट, एक जेनरल सेक्रेटरी, एक ज्वाइंट सेक्रेटरी, एक ट्रेज़रार और पांच कार्यकारिणी सदस्य होते हैं। इन सभी पदों के लिए पांच दिसंबर को प्रेस क्लब में वोटिंग होनी है।












