नारायण नारायण : कलजुगी औतारी उर्फ़ नौछम्मी नरैण

राजभवन में रास की बात सामने आ जाने पर राज्‍यपाल की कुर्सी से अलग हुए नारायण दत्त तिवारी का ये घिनौना सच लोकगीतों में भी गाथा बन कर आया है। कल स्‍टार न्‍यूज़ ने इस लोकगीत का वीडियो दिखाया और शाम तक कबाड़खाना के लीडर अशोक पांडे ने इसे वेब पर जारी कर दिया : मॉडरेटर

पर्वतपुत्र विकासपुरुष के नाम से ब्रह्मांड में ख्यात एक देवतुल्य राजनेता उर्फ़ नौछम्मी नरैण एक बार पुनः अपने अन्तःपुर में गोपियों के साथ पाये गये।

पता नहीं इतना बावेला काहे मचा पड़ा है। उत्तराखंड में तो हर कोई कृष्णावतार की अलौकिक लीलाओं से वाकिफ़ है ही भाई!

किन्तु धन्य हो! नब्बे का आंकड़ा छूने को तैयार बैठे इन्‍हीं कलयुगी कृष्णावतार की प्रशस्ति में गढ़वाल के मशहूर और अतीव लोकप्रिय गायक और मेरे अजीज़ मित्र श्री नरेंद्र सिंह नेगी ने कुछ वर्ष पूर्व इन्हीं देवतुल्य राजनेता पर आधारित एक गीत लिखा और गाया था। सूचना विभाग में अधिकारी के पद पर तैनात नेगी जी को इन्हीं नरैण की कृपा से नौकरी छोड़नी पड़ी थी।

लीजिए देखिए इस गीत का वीडियो। गुज़ारिश है कि गीत को पहले पूरा लोड हो जाने दें, तभी आनंद आएगा।

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