भावुक की किताब आयी, कुलदीप को सम्‍मान मिला

कुलदीप को गौरव सम्‍मान

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भोजपुरी संसार पत्रिका के दिल्ली एवं पूर्वाचल एक्सप्रेस के संपादक कुलदीप श्रीवास्तव को भोजपुरी पत्रकारिता के क्षेत्र में बहुमूल्य एवं अप्रतिम योगदान के लिए पूर्वांचल मंच ने भोजपुरी पत्रकारिता के गौरव सम्मान से सम्मानित किया है। उन्हें सम्मान प्रदान किया प्रख्यात लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने। कुलदीप श्रीवास्तव के बारे में टिप्पणी करते हुए मालिनी अवस्थी ने कहा कि आज भोजपुरी पत्राकारिता को कुलदीप जैसे कर्मठ एवं जुझारू पत्राकारों की जरूरत है। पहली बार भोजपुरी फिल्म सर्वेक्षण करवा कर कुलदीप ने न सिर्फ भोजपुरी फिल्मों को लोकप्रिय बनाया है बल्कि आम जनता को भी टॉप हीरो-हिरोइन, गायक-गायिका एवं गीतकार आदि चुनने का अवसर दिया है।

पूर्वांचल एकता मंच के अघ्यक्ष श्री शिवजी सिंह ने कहा कि कुलदीप पत्राकारिता के माघ्यम से सामाजिक सरोकारों का निर्वाह कर रहे हैं और भोजपुरी की लड़ाई भी लड़ रहे है। कुलदीप भोजपुरी की आवाज को दिल्ली से अमेरिका और इंग्‍लैंड तक ले जाते है। खबरों को विश्व पटल पर फैलाते हैं। सम्‍मान समारोह में फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिंहा, भोजपुरी गायक मनोज तिवारी, महुआ चैनल के चेयरमैन पीके तिवारी, भोजपुरी समाज के अघ्यक्ष अजीत दुबे एवं उतर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल भी मौजूद थे। कुलदीप श्रीवास्तव सिवान जिले के रफीपुर गांव के रहने वाले हैं।

चलनी में पानी का लोकार्पण

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पूर्वांचल एकता मंच द्वारा दिल्ली में आयोजित विश्व भोजपुरी सम्मेलन में उतर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस सांसद जगदंबिका पाल के हाथों भोजपुरी साहित्यकार मनोज भावुक के गीत संग्रह चलनी में पानी का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर फिल्म अभिनेता शत्रुघ्‍न सिन्‍हा, महुआ चैनल के चेयरमैन पीके तिवारी, भोजपुरी सुरसम्राट मनोज तिवारी एवं लोकगायिका मालिनी अवस्थी जैसी हस्तियां मौजूद थीं। लोकार्पित पुस्तक की प्रशंसा करते हुए पूर्वांचल एकता मंच के अघ्यक्ष शिवजी सिंह ने कहा कि मनोज भावुक ने अफ्रीका एवं ग्रेट ब्रिटेन आदि देशों में भोजपुरी का परचम लहराया है। इसलिए पूर्वाचल एकता मंच की ओर से भोजपुरी के अन्य शीर्ष कवियों के साथ इन्‍हें डॉ प्रभुनाथ सिंह सम्मान से नवाजा गया।

मनोज भावुक को उनके भोजपुरी गजल संग्रह ‘तस्वीर जिंदगी के’ के लिए भी सन 2006 में भारतीय भाषा परिषद् सम्मान से सम्मानित किया गया था। उन्हें सम्मान प्रदान किया था ठुमरी साम्राज्ञी गिरिजा देवी एवं गीतकार गुलज़ार ने। चलनी में पानी भावुक का दोहा एवं गीत संग्रह है। पुस्तक की भूमिका में डॉ रमाशंकर श्रीवास्तव ने लिखी है।

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