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	<title>Comments on: कुलपति का पुतला दहन करेंगे वर्धा के छात्र</title>
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		<title>By: rakesh mishr</title>
		<link>http://mohallalive.com/2010/02/05/students-will-burn-effigy-of-vc/comment-page-1/#comment-6284</link>
		<dc:creator>rakesh mishr</dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Feb 2010 18:51:00 +0000</pubDate>
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		<description>कुलपति राय का पुतला मेरे रहते जल नही सकता
हम वर्धा के पुराने दबंग है, देखते है कौन मेरी इस तक्षशिला मे धुआँ उठाता है.
बहुत हुआ विभूति पुराण ...
 

राकेश मिश्र</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>कुलपति राय का पुतला मेरे रहते जल नही सकता<br />
हम वर्धा के पुराने दबंग है, देखते है कौन मेरी इस तक्षशिला मे धुआँ उठाता है.<br />
बहुत हुआ विभूति पुराण &#8230;</p>
<p>राकेश मिश्र</p>
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		<title>By: मानव शरमा</title>
		<link>http://mohallalive.com/2010/02/05/students-will-burn-effigy-of-vc/comment-page-1/#comment-6149</link>
		<dc:creator>मानव शरमा</dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Feb 2010 04:40:43 +0000</pubDate>
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		<description>तो ये सब विभूति ने चमड़िया को दिए नोटिस में क्यों नहीं लिखा ? ‘योग्यता’ क्या होती है ? कि एक बार किसी तरह पी. एच. डी. डिग्री हथिया ली और हो गए योग्य ? गुर्दे निकाल कर बेच देने वाले डाक्टर क्या आरक्षण से आए हैं ? सरकारी दफ्तरों में सालों से टांग पर टांग रखे सोए और बिना रिश्वत के तमीज से बात तक न करने वाले लोग क्या आरक्षण से आए थे ? झूठ बोलना बंद कीजिए और आंखें खोलना शुरु कीजिए। सारी दुनिया देख रही है। यह आनका बनाया बंद समाज नहीं है इंटरनेट का युग है। अविनाश आपके कमेंट पब्लिश तो होने दे रहे हैं। आपकी दुनिया में तो अंबेडकर अपनी क्लास के घड़े से पानी भी नहीं पी सकते थे।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>तो ये सब विभूति ने चमड़िया को दिए नोटिस में क्यों नहीं लिखा ? ‘योग्यता’ क्या होती है ? कि एक बार किसी तरह पी. एच. डी. डिग्री हथिया ली और हो गए योग्य ? गुर्दे निकाल कर बेच देने वाले डाक्टर क्या आरक्षण से आए हैं ? सरकारी दफ्तरों में सालों से टांग पर टांग रखे सोए और बिना रिश्वत के तमीज से बात तक न करने वाले लोग क्या आरक्षण से आए थे ? झूठ बोलना बंद कीजिए और आंखें खोलना शुरु कीजिए। सारी दुनिया देख रही है। यह आनका बनाया बंद समाज नहीं है इंटरनेट का युग है। अविनाश आपके कमेंट पब्लिश तो होने दे रहे हैं। आपकी दुनिया में तो अंबेडकर अपनी क्लास के घड़े से पानी भी नहीं पी सकते थे।</p>
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		<title>By: lokesh kushwaha</title>
		<link>http://mohallalive.com/2010/02/05/students-will-burn-effigy-of-vc/comment-page-1/#comment-6139</link>
		<dc:creator>lokesh kushwaha</dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Feb 2010 18:13:22 +0000</pubDate>
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		<description>अविनाश की असलियत भी अब ज़माने के सामने आ चुकी है। मीडिया और पत्रकारिता के नाम पर सच्चाई को दबाने का कारोबार कब तक चलेगा। तृतीय श्रेणी से स्नातक पास एक व्यक्ति को प्रोफेसर बनाकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का सिलसिला कब तक चलेगा। तहजीब के दायरे में रहकर तमीत से शराब पीना कोई बुरी बात नहीं है। लेकिन शराब पीकर विश्वविद्यालय परिसर में दादागिरी दिखाना भी ठीक बात नहीं है। यहीं नहीं जब लोग कहे कि भाई विश्वविद्यालय परिसर में शराब पीकर मत आओं तो उन पर बिना देरी किए दलित नामक ब्रह्मास्त्र से वार करना दुनिया के किस संविधान में लिखा गया है। विश्वविद्यालय में अध्ययन और अध्यापन के अलावा अगर कोई शख्स राजनीति या बाबा साहेब आंबेडकर के नाम का दुरूपयोग करता है तो वह व्यक्ति छात्र समुदाय के साथ साथ समाज और देश का सबसे बड़ा गुनहगार है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>अविनाश की असलियत भी अब ज़माने के सामने आ चुकी है। मीडिया और पत्रकारिता के नाम पर सच्चाई को दबाने का कारोबार कब तक चलेगा। तृतीय श्रेणी से स्नातक पास एक व्यक्ति को प्रोफेसर बनाकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का सिलसिला कब तक चलेगा। तहजीब के दायरे में रहकर तमीत से शराब पीना कोई बुरी बात नहीं है। लेकिन शराब पीकर विश्वविद्यालय परिसर में दादागिरी दिखाना भी ठीक बात नहीं है। यहीं नहीं जब लोग कहे कि भाई विश्वविद्यालय परिसर में शराब पीकर मत आओं तो उन पर बिना देरी किए दलित नामक ब्रह्मास्त्र से वार करना दुनिया के किस संविधान में लिखा गया है। विश्वविद्यालय में अध्ययन और अध्यापन के अलावा अगर कोई शख्स राजनीति या बाबा साहेब आंबेडकर के नाम का दुरूपयोग करता है तो वह व्यक्ति छात्र समुदाय के साथ साथ समाज और देश का सबसे बड़ा गुनहगार है।</p>
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		<title>By: अभिषेक यादव</title>
		<link>http://mohallalive.com/2010/02/05/students-will-burn-effigy-of-vc/comment-page-1/#comment-6131</link>
		<dc:creator>अभिषेक यादव</dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Feb 2010 14:55:40 +0000</pubDate>
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		<description>हां जो भी विरोध कर रहा है उसे एक्सपेल कर दीजिए। फिर सब गाएंगे ओम जय विभूति हरे। क्या बात कही है। ऐसे ही चलाना चाहिए विश्वविद्यालयों को। वरना छात्र बिगड़ जाएंगे। वैसे मार तो इस समय विभूति के बैक पर पड़ ही है रिंकू। तुम्हें नजर नहीं आता कि इस समय पिटाई किसकी हो रही है। आयोडैक्स लेकर जाओ उनके घर।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>हां जो भी विरोध कर रहा है उसे एक्सपेल कर दीजिए। फिर सब गाएंगे ओम जय विभूति हरे। क्या बात कही है। ऐसे ही चलाना चाहिए विश्वविद्यालयों को। वरना छात्र बिगड़ जाएंगे। वैसे मार तो इस समय विभूति के बैक पर पड़ ही है रिंकू। तुम्हें नजर नहीं आता कि इस समय पिटाई किसकी हो रही है। आयोडैक्स लेकर जाओ उनके घर।</p>
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		<title>By: rinkoo singh</title>
		<link>http://mohallalive.com/2010/02/05/students-will-burn-effigy-of-vc/comment-page-1/#comment-6128</link>
		<dc:creator>rinkoo singh</dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Feb 2010 12:59:56 +0000</pubDate>
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		<description>KULPATI JI IN STUDENTS KE BACK PER 25 DANDE MAAR KAR INKO EXPEL KAR DIJIYE.</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>KULPATI JI IN STUDENTS KE BACK PER 25 DANDE MAAR KAR INKO EXPEL KAR DIJIYE.</p>
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