निर्मल पांडे : एक को-एंकर की श्रद्धांजलि

♦ डॉ प्रवीण तिवारी

Nirmal & Praveen

लाइव के दौरान अचानक एक फ्लैश ने मेरे पैरों तले की जमीन सरका दी। मुझे अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हो रहा था। इस फ्लैश के मुताबिक एक्टर और लाइव इंडिया के कार्यक्रम ‘मेरी दीवानगी’ के एंकर निर्मल पांडे का निधन। पहले तो दिमाग में आया कि कहीं गलती से तो नहीं चल गया ये फ्लैश, लेकिन अगले ही पल इयर फोन में पैनल प्रोड्यूसर श्याम की आवाज ने मुझे बुरी तरह से तोड़ दिया। उसने कहा दादा, निर्मल पांडे नहीं रहे। हृदय गति रुकने से मुंबई में उनका निधन हो गया है। बाकी चैनल्स पर भी छोटी खबर और फ्लैश के तौर पर इस दुखद निधन को जगह मिली लेकिन मेरे और मेरे चैनल के लिए ये एक निजी क्षति भी थी।

निर्मल पांडे सिर्फ टेलीविजन और फिल्म कलाकार ही नहीं थे बल्कि वो लाइव इंडिया के क्राइम शो ‘मेरी दीवानगी’ के एंकर होने के नाते न्यूज चैनल्स का हिस्सा भी थे। इस दुखद खबर को दर्शकों तक पहुंचाते हुए मेरी आंखों में आंसू आना बहुत स्वाभाविक था। निजी तौर पर मुझे भी निर्मल पांडे के साथ एंकरिंग करने का मौका मिला लेकिन उससे भी बढ़ कर हर बार शूट के बाद मुलाकात में उनकी जिंदगी के फलसफों और कामयाबी के किस्से सुनना भी जिंदगी की अहम यादों का हिस्सा है। मुझे बार-बार पिछली मुलाकात के दौरान उनसे हुई वो बातें याद आ रही थीं, जिसमें वो किसी बड़े प्रोजेक्ट का जिक्र कर रहे थे।

महज 46 साल की उम्र में उनका यूं चले जाना एक्टिंग और एंकरिंग की दुनिया के लिए एक बड़ी क्षति है। इस रात की सुबह नहीं और बैंडिट क्वीन जैसी फिल्मों से पहचान बनाने के बाद बॉलीवुड के हर बड़े हीरो के विलेन के तौर पर भी वो कई फिल्मों में नजर आये। पर्दे पर खलनायक का किरदार निभाने वाले निर्मल हकीकत में बहुत जिंदादिल और खुशमिजाज इंसान थे। जल्द ही वो एक फिल्म का निर्देशन करने वाले थे और कई बड़े बैनर्स की फिल्म में एक्ट भी कर रहे थे। इसके अलावा वो एक एक्टिंग स्कूल का संचालन भी कर रहे थे। एनएसडी से निकले इस बेहतरीन अदाकार की विदाई दुनिया से इस तरह होगी, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। शायद भागदौड़ की जिंदगी और बढ़ते कॉम्‍पीटिशन में खुद को बनाये रखने का दबाव उनकी हृदय गति रुकने की वजह बना, लेकिन मुझे अब भी विश्वास नहीं होता कि उनके जैसा जिंदादिल इंसान इतनी जल्दी टूट सकता है।

‘मेरी दीवानगी’ का आखिरी एपिसोड उन्‍होंने पिछले शनिवार को ही शूट किया था और इसकी रॉ फुटेज में शूट के दौरान की गयी उनकी मस्ती और मजाक देख कर अंदाजा नहीं होता कि महज चार दिन बाद ये शख्स हृदयगति रुकने की वजह से हमारे बीच नहीं होगा। सच कहूं तो अब भी भरोसा नहीं होता कि निर्मल पांडे अब हमारे बीच नहीं रहे।

Dr Praveen Tiwari(डॉ प्रवीण तिवारी। सीन‍ियर टीवी पत्रकार। इन दिनों लाइव इंडिया में एंकर-प्रोड्यूसर हैं। मूलत: इंदौर की सबसे बड़ी अवैध बस्ती मेघदूत नगर के निवासी। थिएटर भी किया, पीएचडी भी की। पिता मज़दूर नेता और कवि। दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो, दैनिक भास्कर, लोकस्वामी, सहारा समय के बाद लाइव इंडिया में। उनसे dr.praveentiwari@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।)

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