एफटीवी पर रोक सरकार की रूढ़ीवादी सोच की मिसाल है
फैशन टीवी पर देह प्रदर्शन के आरोपों के चलते बैन लगा दिया गया है। यह बैन सिर्फ नौ दिनों के लिए लगाया गया है। यह सांकेतिक बैन है। आमतौर पर फैशन टीवी बोल्ड कार्यक्रमों और रैंप पर रापचिक कैटवॉक के चलते सुर्खियों में रहता है। यह बैन उस पिछले साल सितंबर में पेश किये गये एक कार्यक्रम की वजह से लगाया गया है, जिसमें फैशन टीवी ने नियमों का उल्लंघन किया। कहा गया कि वह कार्यक्रम बच्चों के लिए सही नहीं था और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला था। इन आरोपों पर विशेषज्ञों की मुहर लग जाने के बाद दोष साबित पाया गया और बैन की कार्रवाई कल रात से शुरू हो गयी। 21 मार्च तक हम फैशन टीवी नहीं देख सकेंगे।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने दूसरी बार फैशन टीवी पर रोक लगायी है। इससे पहले मार्च 2007 में मिडनाइट हॉट कार्यक्रम के लिए फैशन टीवी पर दो महीने की रोक लगायी गयी थी। तब इस चैनल पर मिडनाइट हॉट नाम का एक कार्यक्रम प्रसारित होता था, जिसमें कपड़ों की नुमाइश करती अर्धनग्न मॉडल दिखायी जाती थीं। हालांकि फैशन टीवी के माफी मांगने और गलती नहीं दोहराने के वादे पर रोक हटा ली गयी थी।
फैशन की सरहद कपड़े से तय होती है। फिल्मों में राजकपूर निहायत ही साहसी माने गये, जब उन्होंने बॉबी में डिंपल को बिकनी में दिखाया, राम तेरी गंगा मैली में मंदाकिनी की छाती दिखायी और मेरा नाम जोकर में सिमी ग्रेवाल को पूरी तरह नग्न दिखाया। सेंसर बोर्ड को इन दृश्यों पर कोई आपत्ति नहीं थी और ये फिल्में आज भी दूरदर्शन पर दिखायी जाती हैं। सिनेमा में नग्नता के साथ कथा का तर्क दिया जाता है, लेकिन फैशन में महज प्रदर्शन का। हम जानते हैं कि फैशन शो पहनावे की चल रही रवायत के हिसाब से नहीं होता। वह भविष्य में पहनावे की पटकथा होता है। लिहाजा हम मानते हैं कि फैशन टीवी पर बैन नहीं लगना चाहिए। आपका क्या मानना है, आप हमें बताएं।


♦ बिग ओए से उठायी गयी तस्वीरें।

♦ पामेला एंडरसन की गूगल के लिए प्रचार वाली तस्वीर









I& B KYA KAREGA JAB KHUD IN MAHILAYON NE SHARM UTAR DI . ISKA KHAMIYAJA SABHI KO HUGTNA ADTA HAI . BHAGWAN KARE YH CHANNEL HUMESHA KE LIYE HI BAND HO JAYE . KAUN PEHNTA HAI ESE KAPDE . FASHION KI JAGAH PORN T.V NAAM RAKH LE . NA DEKHNE WALON KO HYA HAI NA DIKHANE WALON KA , BINA YH SOCHE KI BACCHON PAR KYA ARE HAR AGE KE LOGON PAR KYA ASAR HOGA . RAJO RAPE CASES, EVE-TEASING KE CASE BAD RAHE ..I & B KO IS TARAH KE AUR PROGRAMMES W CHANNEL BHI BAND KAR DENE CHAHIYE . STRI KOI NUMAISH KI CHEEJ NAHIN PAR YH BAAT SAB TABHI SAMJHENGE JAB WH APNI GARIMA KA DHYAN RAKHEGI
फैशन “भविष्य में पहनावे की पटकथा होता है”??
फिर तो ये पोस्ट हमारे वर्त्तमान की नंगई की पटकथा है. किसी को बाज़ार के लिए नंगी चाहिए, किसी को टीआरपी के लिए, मजबूर तो हम इतने कर दिए गए हैं कि आमजन संसद पर भी नंगे मार्च करें तभी किसी का ध्यान जाए.
यार ऐसी फोटो के बिना भी ये बहस आगे बढ़ सकती थी और आपकी ये साईट ऐसे चिरकुट जुगाड़ों के बिना भी चल सकती है |
हद है !
अविनाशजी, इन तस्वीरों में कुछ कपड़े रह गये हैं।
ये अविनाश जी कौन है?
kam kapdo me kabhi nagnata nahi hoti vicharo me nagnata hoti hai .kya bachche ko dudh pilati mahila ki chhati se nagnta dikhai deti hai?a sab hamari dushit mansikta ke karan faeli upbhogita vadi bazar ka parinam hai.
HI HOW ARE YOU?
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