भोपाल गैस कांड में न्‍याय किसी त्रासदी से कम नहीं

हजारों की मौत में सिर्फ आठ माने गये दोषी, मामूली धाराएं लगायी गयीं



भोपाल गैस त्रासदी मामले में अदालत ने आठ लोगों को दोषी करार दिया है। लेकिन अभी सजा नहीं सुनायी गयी है। इसमें केशव महिंद्रा, विजय गोखले, किशोर कामदार, एसपी चौधरी, आरबी रॉय चौधरी, केवी शेट्टी, जे मुकुंद और शकील कुरैशी शामिल हैं। इस मामले में वारेन एंडरसन फरार है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहन तिवारी ने ये फैसला सुनाया। इस मामले में सुनवाई लगभग 25 वर्ष चली और इसी साल 13 मई को पूरी हुई थी।

फैसले के बाद भोपाल गैस पीड़ितों का मामला उठाने वाले अब्दुल जब्बार ने कहा कि पहले औद्योगिक त्रासदी हुई और अब न्यायिक त्रासदी हो रही है। मामला दफा 304 के तहत चलाया गया जिसमें दो साल की सजा होती है और कुछ हजार रुपये जुर्माना लगता है। अब्‍दुल जब्‍बार का कहना था कि अब वो इस मामले की धाराओं को उच्च अदालत में चुनौती देंगे।

इस घटना को सबसे पहले उठाने वाले पत्रकार राजकुमार केसवानी का कहना था कि ये न्याय की दिशा में पहल कदम है। पर ये लापरवाही का मामला नहीं बल्कि जनसंहार का मामला है।

भोपाल की जिला अदालत में गैस त्रासदी के आपराधिक मामले में सीबीआई ने कुल 178 गवाह और तीन हजार से अधिक दस्तावेज पेश किये। भोपाल गैस त्रासदी को लेकर पुलिस ने तीन दिसंबर, 1984 को एफआईआर दर्ज की थी और बाद में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया था।

25 साल पहले 2/3 दिसंबर, 1984 को भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने से रिसी जहरीली मिथाइल आइसोसायनेट गैस के कारण हजारों लोग मारे गये थे और अनेक लोग स्थायी रूप से विकलांग हो गये थे। भोपाल गैस त्रासदी पूरी दुनिया के औद्योगिक इतिहास की सबसे बड़ी दुर्घटना मानी जाती है। दिसंबर की उस सुबह भोपाल में यूनियन कार्बाइड की फैक्टरी से निकली जहरीली गैस ने हजारों लोगों की जान ले ली थीं। उस सुबह यूनियन कार्बाइड के प्लांट नंबर ‘सी’ में हुए रिसाव से बने गैस के बादल को हवा के झोंके अपने साथ बहाकर ले जा रहे थे और लोग मौत की नींद सोते जा रहे थे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस दुर्घटना के कुछ ही घंटों के भीतर तीन हजार लोग मारे गये थे। हालांकि गैरसरकारी स्रोत मानते हैं कि ये संख्या करीब तीन गुना ज्यादा थी। मौतों का ये सिलसिला बरसों चलता रहा। इस दुर्घटना के शिकार लोगों की संख्या हजारों तक बतायी जाती है।

(स्रोत : बीबीसी)

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *