लंदन से लौटकर दिल्ली में कहानी पढ़ी सुलभ ने


लिखावट की ओर से शनिवार, 17 जुलाई की शाम, आरके पुरम में कवि मिथिलेश श्रीवास्तव की छत पर, कथाकार हृषीकेश सुलभ ने अपनी चर्चित कहानी बसंत के हत्यारे का पाठ किया। आमतौर पर कविता के सहज और अनौपचारिक आयोजनों के लिए जाने जानेवाले इस मंच (लिखावट) पर कहानी की उपस्थिति ने एक नयी तरह आत्मविश्वास आयोजकों को दिया। हर पांच मिनट पर हवाई जहाज के शोर के बीच सुलभ जी ने किस्सागो शैली में अपने नये संग्रह बसंत के हत्यारे में इसी शीर्षक से संग्रहित कहानी का पाठ किया।
कहानी पटना के एक रंगकर्मी की हत्या और उसके विरोध में निकले प्रतिरोध मार्च पर आधारित है। इस कहानी में राजनीति के लंपट चेहरे से लेकर कविता के खोखले चेहरे तक बेनकाब होते हैं। श्रोताओं ने मंत्रमुग्ध होकर कहानी सुनी।
पाठ से पहले कवि रंजीत वर्मा ने हृषीकेश सुलभ और उनकी रचनात्मकता के बारे बेहद आत्मीयता से बताया। कहा कि जब उनकी कहानी सारिका में छपी थी, तो उनकी गली का एक लड़का कैसे सीना तान कर चलने लगा था। यह भी कि सुलभ कितने भी बड़े कथाकार क्यों न हो जाएं, उनके लिए वे ईसा मसीह के गांव के वे लकड़हारे ही रहेंगे, जो ईसा को पूरी दुनिया में प्रभु मान लेने के बाद भी आम इंसान ही मानते रहे। कथा पाठ की अध्यक्षता हरिश्चंद्र माथुर ने की और कहानी सुनने के बाद कहा कि यह हमारे समय के बहुत सारे सच का एक मार्मिक बयान है।
अभी इसी महीने की आठ तारीख को लंदन में हृषीकेश सुलभ को इंदु शर्मा कथा सम्मान दिया गया है, इसकी रिपोर्ट मोहल्ला लाइव में आप पढ़ सकते हैं : वंचितों के पक्ष में खड़े होना लेखक की जिम्मेदारी। सुलभ जी की इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित कहानी पाठ की कुछ तस्वीरें युवा फोटोग्राफर रवि रंजन ने उतारी। हम नीचे उनकी उतारी तीन तस्वीरें पाठकों को मुहैया करा रहे हैं। ऊपर की दो तस्वीरें जागृति यात्रा के कार्यकारी निदेशक स्वप्निल कांत दीक्षित ने उतारी हैं।

बसंत के हत्यारे कहानी का पाठ करते हृषीकेश सुलभ

सुलभ जी और उनकी रचनात्मकता पर बोलते हुए कवि रंजीत वर्मा

सुलभ जी को कहानी पाठ के लिए आमंत्रित करते कवि मिथिलेश श्रीवास्तव









Sulabhji ko Bharat lautane ki badhai aur samman ke liye abhinandan.
Sulabhji Anataraashtreey Indu Sharma Katha Samman 8th july,2010 ko mila hai naki 9th july, 2010.
pl make this correction.
thanks.
शुक्रिया मधु जी, दुरुस्त कर दिया है।
हृषिकेश जी का कहानी पाठ सचमुच अविस्मरणीय रहा होगा. “लिखावट” का सदस्यों को बधाई…
sulabh ji ko bahut-baut badhaai!
‘likhawat’ ko shukriya!!
bahut bahut badhai………
Leave your response!
Type Comments in Indian languages (Press Ctrl+g to toggle between English and Hindi OR just Click on the letter)जनमत
(( समकालीन तीसरी दुनिया का यह अंक पढ़ने के लिए इमेज पर क्लिक करके पीडीएफ कॉपी डाउनलोड करें ))
Tag Cloud
abraham hindiwala anil chamadia anil yadav anurag kashyap arundhati rai arundhati roy Bahastalab bahastalab 2 bihar dalit dilip mandal first narendra memorial award gorakhpur hindi hindi cinema Hindi language Hindi Literature hindi media jansatta kabaadkhaana Mahatma Gandhi Antarrashtriya Hindi Vishwavidyalaya mahatma gandhi international hindi university maoism maoist MGIHU namwar singh naxal naxalism naya gyanodaya Nirupama Pathak om thanvi prabhash joshi prabhat khabar rajendra yadav ravindra kaliya ravish kumar uday prakash vibha rani Vibhuti Narayan Rai Vice Chancellor vineet kumar vn rai women yogi adityanath मीडिया मंडीArchive