सुन लीजिए, डॉ काशीनाथ सिंह एक छद्म कम्‍युनिस्‍ट हैं!

♦ अविनाश

अभी बनारस में डॉ काशीनाथ सिंह के मशहूर नॉवेल काशी का अस्‍सी पर बन रही फिल्‍म मोहल्‍ला अस्‍सी की शूटिंग चल रही है। इस दौरान मोहल्‍ला लाइव की टीम यहां मौजूद है। रोज रोज के दर्जनों वाकये कैमरे, कलम और दिमाग में दर्ज किये जा रहे हैं। अभी कल शाम का एक दिलचस्‍प किस्‍सा हाजिर है। दूसरे तमाम किस्‍से कल से रोज बांचे जाएंगे। शायद तब तक, जब तक फिल्‍म रिलीज नहीं हो जाती है : मॉडरेटर

रामबचन पांडे ने जब होटल ब्रॉडवे के कमरा नंबर तीन सौ एक में तैश खाकर कहा कि डॉ काशीनाथ सिंह एक छद्म कम्‍युनिस्‍ट हें और यह भी कि डॉ काशीनाथ सिंह ने जीवित पात्रों का काशी का अस्‍सी में उतना ही इस्‍तेमाल किया है, जितना कमर्शियल खांचे में फिट वे पात्र फिट थे – तब भी काशीनाथ सिंह मुस्‍करा रहे थे। लेकिन गया सिंह उलट गये। उन्‍होंने हवा में हाथ लहराते हुए और दांत भींचते हुए कहा कि खामोश, गुरुदेव डॉ काशीनाथ सिंह सच्‍चे और निर्भीक कम्‍युनिस्‍ट हैं – रामबचन पांडे ने उन्‍हें स्‍यूडो कम्‍युनिस्‍ट कह कर ठीक नहीं किया। फिर यह बात हुई कि सोशलिस्‍ट कम्‍युनिस्‍टों को बिल्‍कुल ही नहीं पचा पाते। चाहे वे बीजेपी के साथ हो लें, कम्‍युनिस्‍टों से दोस्‍ती उनके यहां हराम है। यह भी कि जब 1959 में चंदौली से डॉ नामवर सिंह लोकसभा का चुनाव लड़ रहे थे, तब ये तय हुआ था कि कांग्रेस के खिलाफ वे कम्‍युनिस्‍टों और सोशलिस्‍टों के संयुक्‍त उम्‍मीदवार होंगे। लेकिन ऐन वक्‍त सोशलिस्‍टों ने दगा किया और प्रभु नारायण जी को उतार दिया था। यह बात काशीनाथ सिंह कर रहे थे।

पहले तो रामबचन पांडे ने काशीनाथ को दुरुस्‍त किया कि साल ठीक करें, 1959 नहीं 1957 था। दूसरे ये कि डॉ नामवर सिंह उस वक्‍त नौजवान थे और प्रभु नारायण सिंह स्‍वतंत्रता आंदोलन में भाग ले चुके थे। काशीनाथ सिंह ने बहुत विनम्रता से इस हस्‍तक्षेप को स्‍वीकार किया और यह माना कि डॉ नामवर सिंह के मुकाबले प्रभु नारायाण सिंह काबिल उम्‍मीदवार थे – लेकिन सवाल ये है कि जब तय हो चुका था डॉ नामवर सिंह संसोपा और भाकपा के साझा उम्‍मीदवार होंगे, तब ये दगाबाजी क्‍यों?

इस बीच डॉ गया सिंह बनारस के कुछ महंथों पर बरस रहे थे, जिन्‍होंने जरूरत पडने पर तय वक्‍त से ज्‍यादा शूटिंग करने की इजाजत मोहल्‍ला अस्‍सी की टीम को नहीं दी। वे काशी का अस्‍सी में आये तमाम गालियों को सदवचन की तरह बांच रहे थे। (यह ऐसा दृश्‍य था, जिसे मैंने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया था – और डॉ गया सिंह ने कहा कि आपने एक इतिहास को रिकॉर्ड कर लिया है – लेकिन अब आपकी इज्‍जत मेरे हाथ में है। लिहाजा मैं, अविनाश, मोहल्‍ला लाइव का मॉडरेटर, डॉ गया सिंह की इज्‍जत बख्‍शते हुए उस वीडियो को यहां प्रस्‍तुत नहीं कर रहा हूं।)

मैं और अजय ब्रह्मात्‍मज तीनों के अटूट-अखंड याराने के साक्षी हो रहे थे – गो कि ऐसे क्षणों के साक्षी कई लोग होंगे और अस्‍सी पर पप्‍पू की चाय दुकान में जुटने वाला पूरा बनारस होगा।

बहरहाल रात 12 बजे तक एंटीक्‍यूटी की दो बोतलें आधी आधी खाली हो चुकी थीं और मोहल्‍ला अस्‍सी के शूटिंग सफर का एक दिलचस्‍प वाकया हमारे लिए डॉ काशीनाथ सिंह के हस्‍तक्षेप से स्‍थगित किया जा रहा था। वरना डॉ गया सिंह का मूड अभी पूरी रात जागने का था।

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *