40 साल में संजय दत्त की कितनी फिल्‍में याद हैं आपको

abraham hindiwala

संजय दत्त का यह लुक रा.वन में दिखेगा। बड़े पर्दे पर आते हुए संजय दत्त को 40 साल हो गये। चौंकें नहीं। उनकी पहली फिल्मर रॉकी 1981 में आयी थी, लेकिन उनके पिता ने 1971 में बनी रेशमा और शेरा में उन्हें पहली बार बड़े पर्दे पर पेश कर दिया था। 40 सालों में संजय दत्त ने लगभग 135 फिल्मों में काम किया है। मैं याद कर भी 4 फिल्में आप को नहीं बता पा रहा हूं, जिन्हें आप को देख लेना चाहिए। अगर आप बाकी पाठकों की मदद कर सकें, तो खुशी होगी।

राजकुमार हिरानी की मुन्नाभाई सीरीज ही दर्शकों की स्मृतियों में उन्हें जिंदा रखेगी। बाद बाकी तो उन्होंने जो काम किया है या उनसे जिस तरह का काम लिया गया है, वह सब भुला दिया जाएगा।

संजय दत्त हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के पहले लाडले हैं। उनकी बदमाशियों को हमेशा उचित ठहराने की कोशिश की गयी। डिस्टटर्ब चाइल्ड के रूप में उन्हें सहानुभूति मिली। नरगिस दत्तो ने अपने बेटे को संभालने की हर कोशिश की। पिता सुनील दत्त ने ताजिंदगी हिम्मनत नहीं हारी। वे उन्हें रास्ते पर या कम से कम सभ्य नागरिक बनाने की कोशिश करते रहे। बेटे की बदमाशियों की पीड़ा उनके चेहरे पर चस्पां हो गयी थी। अपना दुख वे करीबियों के बीच बयान करते थे।

कोई मनोवैज्ञानिक पाठक बता सकता है कि संजय दत्तक ऐसे क्यों है?

दोस्तों के दोस्त और पूरी फिल्म इंडस्ट्री् के भाई के रूप में मशहूर संजय दत्त आज के सलमान खान के अग्रज कहे जा सकते हैं। फिल्म इंडस्ट्री् के इन दोनों बच्चों … (हंसे नहीं… एक की उम्र 52 और दूसरे की 46 है…) पर दर्शक मेहरबान रहते हैं। कुछ तो है, जो इन्हें दर्शकों से जोड़ता है। कई बार लगता है कि दर्शक कॉलेज की उन लड़कियों की तरह होते हैं, जो कॉलेज के आवारा और बदमाश लड़कों पर फिदा होती हैं।

संजय दत्त ने एक काम जरूर किया। उन्होंने देश के युवकों को सेहत के प्रति सचेत कर दिया। हिंदी फिल्मों के वे पहले स्टार हैं, जिन्होंने शरीर सौष्ठव को महत्व दिया। उसके बाद तो फैशन ही चल गया। सलमान खान, रितिक रोशन और आज के सभी स्टार उन्हीं के पदचिह्नों पर चल रहे हैं। उन सभी के लिए अभिनय और संवाद अदायगी से अधिक जरूरी जिम और कसरत है। हम भी तो उनके शरीर पर फिदा होते रहते हैं।

♦ अब्राहम हिंदीवाला
abrahamhindiwala@gmail.com

21 Responses to 40 साल में संजय दत्त की कितनी फिल्‍में याद हैं आपको

  1. sonal says:

    नाम ,साजन,वास्तव बहुत कोशिश करने के बाद यही याद आ पाया है

  2. नाम, साजन, वास्तव, (विधाता में भी दिखे तो थे ही…जितने बड़े थे-उस हिसाब से)… और फिर सब नसीर ही हो जाएंगे, तो चवन्नीछाप दर्शक क्या करेगा? उसे भी फ़िल्में तो देखने दीजिए। अब्राहम, ये शिकायत है आपसे। कई बार आप सहज बात भी ऐसे मारक तरीके से कहते हैं कि कुछ हैवी हो जाती है, संजय दत्त के बल्लों (एब्स, मसल्स या ऐसे ही कुछ, जो भी एप्रोप्रिएट अंग्रेज़ी हो) की तरह हो जाती है। संजय दत्त की परिणीता भी कुछ ख़राब फिल्म तो नहीं थी…थी क्या? ऐसे ही वे कॉमेडी ठीकठाक करते रहे हैं। यूं ही ख़ारिज़ क्यों कर देते हैं आप? झप्पी लेने की ज़रूरत है आपको भी…बुरा नईं मानने का अब्राहम बाबू…

  3. Amitesh says:

    संजय दत्त कि फ़िल्मों के नाम के लिये दिमाग पे इतना अधिक जोर देने कि जरूरत नहीं है…नाम,साजन,खलनायक, वास्तव, मुन्नाभाई सीरीज कि दो फ़िल्म, इमानदार,कब्ज़ा,सड़क,…देखिये कितना सारा नाम याद आ गया.

  4. अब्राहम हिंदीवाला says:

    संजय दत्‍त के प्रशंसकों से माफी। मैं खारिज करता तो लिखता ही नहीं…लेकिन 30-40 सालों के कैरियर में कितने नाम याद आए। गौर करें तो जिन फिल्‍मों के नाम गिनाए गए,वे भी किरदारों के दम पर याद हैं। माफ करें मैं संजय दत्‍त को कायदे का अभिनेता नहीं मान पा रहा हूं। बाद बाकी फिल्‍मों में चलने या चलते रहने का तर्क जरूरी नहीं कि प्रतिभा से संबंधित हो।

  5. shubhranshu says:

    khalnayak,dushman,parineeta,khoobsurat….. list lambi hai saahab.waise aapki ek paresani samajh nhi aati, har bade chehre se aap ko takleef kyu hai? dusri baat, har kisi k vyaktigat aur professional life pe apni kimati rai mat de….

  6. shubhranshu says:

    kam kon se kayde k darsak nazar aate hain aapko…:D :D

  7. rampravesh says:

    सच है की चाहे वोह संजय दत्त हों या शाहरुख खान हों, आने वाला समय इनको क्यूँ याद करेगा ?

    भारतीय सिनेमा को ये लोग कहीं नहीं ले जा पाए | कोशिश भी नहीं की | ४५ – ५० की उम्र में भी बाल्टी सर पर रख के, तौलिये मैं नाचते हैं आमिर और बोस – डी के का पाठ पढ़ाते हैं | शाहरुख खान ने माई नेम इस खान से साबित कर दिया की वोह aभीने नहीं कर सकते | सलमान अपने अभिनय के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं | सैफ अली खान से कुछ उम्मीद है | जिंदगी ना मिलेगी दुबारा तो जैसे कैड – बरीज वाले हवा मिठाई बेच रहे हों | हैंग ओवर और दिल चाहता है को बड़े सावधानी और चालाकी से मिलाया | २ सुपर स्टार्स डाले, २ स्टार्स डाले, लो जी तैयार हो गयी हवा मिठाई, सस्ता टिकाऊ |

    संजय दत्त ने क्या कर दिया है अपने करियर में | एक्स – सर्विसमेन कोटा में इंडस्ट्री में आये और बस हो गया |

  8. prashant says:

    sanjay dutt real life mai jaise bhi ho magar unki filme jaise ki munnabhai mbbs aur lage raho munna bhai aise film hai jisme sab ke pass kuch na kuch sikhne ko jarur milenga.is tarah ka kirdaar kavel wohi abhineta kar sakta hai jo ander se us tarah sochta ho. AS I THINK HE NOT ONLY A GOOD ACTOR EVER HE IS A GOOD MAN AS WELL.

  9. rampravesh says:

    Munna Bhai Patch Adams se churaayee huee hai…aise hee choree kee maal par ye film industry gujar basar kar rahee hai…amrikaa ke creative guh ko chaat kar yahaan ham super stars khadaa karte hain…

  10. मुझे ताज्जुब है कि आप लिखते क्यूँ है … आपकी हिंदी सिनेमा की समझ हर समीक्षा में स्पष्ट दिखती है… बहुत अफ़सोस है….

  11. @ rampravesh भाई से भी कुछ कह लूं…
    जैसा की इनका कहना है की ज़िन्दगी मिलेगी न दोबारा को हैंगोवर और दिल चाहता है को मिला कर बनाया गया… अगर ऐसा करने से इतनी अच्छी फिल्म बन सकती है तो इसका स्वागत करना चाहिए…
    उदाहरण के लिए…
    सुर केवल सात होते हैं लेकिन इतने खुबसूरत गीत इन्हें सही तरीके से मिला कर ही बनाये जाते हैं…. इसी तरह प्राथमिक रंग केवल तीन ही होते हैं ये लाखों करोड़ों रंग इन्ही तीन रंगों के मेल से बनाये जाते हैं….तो मिलाना कभी गलत नहीं हो सकता ज़रूरी है तो सही तरीके से मिलाना … ये नहीं की राम गोपाल वर्मा की आग बना दी जाए….

  12. ilakshi says:

    yr hr ek movie hm kirdaar k dum pr hi to yaad rakhte h aur sanjay dutt ne behtreen films hindi cinema ko di h …………hr ek movie me aaj bi wo zabardast hote h …….unki entry hr movie me solid hoti h……aur movies to bahut si yaad h ………vastav 1 of my fav……saajan,munna bhai,sadak,rocky,khalnayak …..akhir movie wahi achhi hoti h jo ki sript ya kirdar k dum par chale na k actor k stardom k bal pr……he is a star …….n a gud person 2…..

  13. Saurabh says:

    @Shekhar Suman
    suron waali बात लिख कर chaa गये आप …

  14. rampravesh says:

    बिलकुल सही कहा आपने शेखर भाई और सौरभ भाई के अनुसार आप छा भी गए लेकिन, सुरों से बने हज़ारों रागों को देखिये, शुद्ध और तीव्र मात्राएँ , तत्सत ताल पर बैठते ही उनमे भिन्नता आती है | हजारों राग रागिनियाँ हैं लेकिन भिन्न | रंगों का भी यही हाल है |

    हमारे हिंदी सिनेमा में ये हॉलीवुड के सुरों पर देसी रंग क्यूँ चढ़ा कर बेच रहे हैं ?

    क्या आपके रंग और सुर के मिसाल देने से हिंदी सिनेमा में चोरी से कहानी बनाने वालों का पाप धुल जाएगा ? जहां इरानी, अफगानी कोरियन सिनेमा अंतर राष्ट्रीय स्तर पर हर साल हंगामा मचाता है वहीं सबसे ज्यादा सिनेमा बनाने वाला देश अंग्रेजी फिल्मों से सुर और ताल चुरा के अपने राग अलाप रहा है और आप तो बुद्धिजीवी हैं |

  15. अब्राहम साहब सहित तमाम फ़िल्म विश्लेषकों तथा मोहल्ला के ढेर सारे “बुद्धिजीवियों” को जल्दी ही एक बड़ा काम मिलने वाला है… – जी हाँ, प्रकाश झा की फ़िल्म “आरक्षण” रिलीज़ होने वाली है
    सब लोग अपने-अपने पंजे झाड़कर तैयार रहो, फ़िल्म के साथ-साथ सामाजिक चीरफ़ाड़, गाली-गुप्तार, तू-तू मैंमैं, ब्राह्मण-दलित आदि-आदि-आदि-आदि तर्क लेकर… आरक्षण की जय हो। :) :)

  16. anjule says:

    शेखर ऐसा नहीं है की हिंदी सिनेमा के समीक्षकों के पास फिल्म की समझ कम हो वो तो खूब है. दिक्कत ये हैं की इनके पास दर्शकों की नज़र नहीं है. समीक्षा लिखते वक़्त या तो ये पूरा का पूरा विश्व सिनेमा की कसौटी पर उसे कसने लगेंगे या फिर उसे पूरी तरह ख़ारिज कर देंगे… हिंदी फिल्म के समीक्षकों को पढ़ के अक्सर यही लगता है की (एक दो को छोड़ कर) उन्होंने विश्व सिनेमा का एक ऐसा प्याला पिया है जिसका स्वाद ये हर जगह ढूंढते फिरते हैं जो मिलता कहीं नहीं…अरे भैया संजय दत्त ने भी कई अच्छी फ़िल्में दी हैं..और उन फिल्मों की लिस्ट ऊपर पाठकों ने दे दी है…

  17. SIKANDER HAYAT says:

    raan parvesh g ki baat bilkul sahi ha angrezi k dum per sari duniya k gyan ka dava karne vale in logo ki halat ise se pata chalti ha ki IRAN jese barriyar vale desk k film karo ki filme inse kahi zyada vishav patal par sarahi jati ha

  18. अब्राहम से 100 प्रतिशत सहमत !

  19. अब्राहम हिंदीवाला says:

    मुझ पर इतना गुस्‍सा क्‍यों हो हैं आप सभी।
    दो-चार अच्‍छी बातें आप ही बता दें अभिनेता संजय दत्‍त के….इंतजार रहेगा।
    list dekh kar hi bata dein…
    980s
    Year Film
    1981 Rocky
    1982 Vidhaata
    1982 Johny I Love You
    1983 Main Awara Hoon
    1983 Bekaraar Shyam
    1984 Mera Faisla Raj Saxena
    1984 Zameen Aasmaan
    1985 Jaan Ki Baazi
    1985 Do Dilon Ki Dastaan Vijay Kumar Saxena
    1986 Mera Haque Prince Amar Singh
    1986 Jeeva Jeeva/Jeevan Thakur
    1986 Jalwa Himalya Chand
    1986 Naam Vicky Kapoor
    1987 Naam O Nishan Inspector Suraj Singh
    1987 Inaam Dus Hazaar Kamal Malhotra
    1987 Imaandaar Rajesh
    1988 Jeete Hain Shaan Se Govinda
    1988 Mohabbat Ke Dushman Hisham
    1988 Khatron Ke Khiladi Raja
    1988 Kabzaa Ravi Varma
    1988 Mardon Wali Baat Tinku
    1989 Itihaas Karan
    1989 Taaqatwar Inspector Sharma
    1989 Kanoon Apna Apna Ravi
    1989 Hum Bhi Insaan Hain Bhola
    1989 Hathyar Avinash
    1989 Do Qaidi Manu
    1989 Ilaaka Inspector Suraj Verma
    [edit]1990s
    Year Film Role Awards
    1990 Zahreelay Raaka
    1990 Tejaa Tejaa/Sanjay
    1990 Khatarnaak Suraj/Sunny
    1990 Jeene Do Karamvir
    1990 Krodh Vijay/Munna
    1990 Thanedaar Brijesh Chandar (Birju)
    1991 Yodha Suraj Singh
    1991 Sadak Ravi
    1991 Qurbani Rang Layegi Raj Kishen
    1991 Khoon Ka Karz Arjun
    1991 Fateh Karan
    1991 Do Matwale Ajay ‘James Bond 009′
    1991 Saajan Aman Verma/Sagar Nominated, Filmfare Best Actor Award
    1992 Jeena Marna Tere Sang
    1992 Adharm Vicky Verma
    1992 Sahebzaade Raja
    1992 Sarphira Suresh Sinha
    1992 Yalgaar Vishal Singhal
    1993 Sahibaan Prince Vijay Pal Singh
    1993 Khal Nayak Ballu Nominated, Filmfare Best Actor Award
    1993 Kshatriya Vikram Singh
    1993 Gumrah Jagan Nath (Jaggu)
    1994 Zamane Se Kya Darna
    1994 Insaaf Apne Lahoo Se Raju
    1994 Aatish Baba
    1994 Amaanat Vijay
    1995 Jai Vikraanta Vikraanta
    1995 Andolan Adarsh
    1996 Namak Gopal
    1996 Vijeta Ashok
    1997 Sanam Narendra Anand
    1997 Mahaanta Sanjay ‘Sanju’ Malhotra
    1997 Dus Captain Raja Sethi Incomplete film
    1997 Daud Nandu
    1998 Dushman Major Suraj Singh Rathod
    1998 Chandralekha Cameo Telugu film
    1999 Daag: The Fire Karan Singh
    1999 Kartoos Raja/Jeet Balraj
    1999 Safari Captain Kishan
    1999 Haseena Maan Jaayegi Sonu
    1999 Vaastav: The Reality Raghu Winner, Filmfare Best Actor Award
    1999 Khoobsurat Sanju
    [edit]2000s
    Year Film Role Other notes
    2000 Khauff Anthony/Vicky/Babu
    2000 Baaghi Raja
    2000 Chal Mere Bhai Vicky
    2000 Jung Balli
    2000 Mission Kashmir SSP Inayat Khan Nominated, Filmfare Best Actor Award
    2000 Kurukshetra A.C.P Prithviraj Singh
    2000 Raju Chacha Gafoor Special Appearance
    2001 Jodi No.1 Jai
    2002 Pitaah Rudra
    2002 Hum Kisise Kum Nahin Munna Bhai
    2002 Yeh Hai Jalwa Shera Uncredited
    2002 Maine Dil Tujhko Diya Bhai-Jaan
    2002 Hathyar Rohit Raghunath Shivalkar/Raghunath Namdev Shivalkar
    2002 Annarth Iqbal Danger
    2002 Kaante Jay Rehan ‘Ajju’ Nominated, Filmfare Best Supporting Actor Award
    2003 Ek Aur Ek Gyarah Sitara
    2003 LOC Kargil Lt. Col. Y. K. Joshi
    2003 Munnabhai M.B.B.S. Murli Prasad Sharma (Munna Bhai) Winner, Filmfare Best Comedian Award
    2004 Plan Mussabhai
    2004 Rudraksh Varun
    2004 Rakht Rahul
    2004 Deewaar Khan
    2004 Musafir billa bhai
    2005 Tango Charlie Squadron Leader Vikram Rathore
    2005 Parineeta Girish Babu Nominated, Filmfare Best Supporting Actor Award
    2005 Dus S. Dheer
    2005 Viruddh… Family Comes First Ali
    2005 Shaadi No. 1 Lukhwinder Singh (Lucky)
    2005 Ek Ajnabee DJ Special appearance
    2005 Vaah! Life Ho Toh Aisi! Yamaraj M. A., Himself
    2005 Shabd Shaukat Vashisht
    2005 Mohabbat Ho Gayi Hai Tumse
    2006 Zinda Balajeet Roy
    2006 Taxi No. 9211 Narrator
    2006 Tathastu Ravi Rajput
    2006 Anthony Kaun Hai Master Madan
    2006 Lage Raho Munna Bhai Murli Prasad Sharma (Munna Bhai) Nominated, Filmfare Best Actor Award
    2007 Eklavya: The Royal Guard Pannalal Chohar
    2007 Nehlle Pe Dehlla Johnny
    2007 Sarhad Paar Ranjeet Singh
    2007 Shootout at Lokhandwala Shamsher Khan
    2007 Dhamaal Kabir Nayak
    2007 Om Shanti Om Himself Special appearance in song Deewangi Deewangi
    2007 Dus Kahaniyan Baba
    2008 Woodstock Villa Special appearance in item number Kyun
    2008 Superstar Himself Special Appearance
    2008 Mehbooba Shravan Dhaliwal
    2008 Kidnap Vikrant Raina
    2008 EMI – Liya Hai Toh Chukana Parega Sattar Bhai
    2009 Luck Musa
    2009 Aladin The Ring Master
    2009 Blue Sagar
    2009 All The Best: Fun Begins Dharam Bhai
    [edit]2010s
    Year Film Role Other notes
    2010 Lamhaa Vikram
    2010 Toonpur Ka Superrhero Narrator
    2010 Shortkut – The Con Is On Item Song
    2010 Tees Maar Khan Narrator
    2010 No Problem Yash
    2010 Knock Out Veer Vijay Singh [24]
    2011 Chatur Singh Two Star Chatur Singh
    2011 Double Dhamaal Kabir
    2011 Ready Marriage magistrate / Divorce lawyer Special Appearance
    2011 Rascals Filming
    2011 Agneepath Filming
    2011 Power Filming
    2011 Koochie Koochie Hota Hai Filming
    2011 Department

  20. mukesh burnwal says:

    sanjay datta ki ek aur film hai jo hame yaad rakhni chahiye- ‘pita’. jaruri nahi ki ham comersialy hit filmon ko hi yaad rakhen. waise govinda, akshay kumar, john abraham jaison ke baare me kya khyal hai.

  21. dhirendra pandey says:

    देखो अब्राहम जी को इतनी सारी फिल्मे याद आ गयीं | हा हा

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