लालू जी लालू जी क्‍या हुआ आपको, भूल गये खुद को?

लालू प्रसाद यादव जेपी आंदोलन के वक्‍त छात्र नेता थे। जेल गये थे। निकले तो सांसद, विधायक बने। मंडल के दौर में मुख्‍यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे। चारा घोटाले का आरोप लगा। तब भी जेल गये। पत्‍नी को मुख्‍यमंत्री की कुर्सी दी। कहते हैं, बिहार में पिछड़ों की सामाजिक-राजनीतिक चेतना को संगठित करने में इनके योगदान ने इन्‍हें अपने दौर के राजनेताओं से काफी आगे खड़ा कर दिया। जब भी हाथ में सत्ता रही, आंदोलनकारियों पर इन्‍होंने लाठी बरसायी। आरोप लगाये कि पिछड़ा राज कोई नहीं चाहता, इसलिए डिस्‍टर्ब करता है। अब जब उनकी सत्ता कहीं नहीं है और वे एक मामूली सांसद भर हैं, उनका बर्ताव कांग्रेस को खुश करने में खर्च होता रहता है। एक बड़े कद के राजनीतिज्ञ का यह हाल देखा नहीं जाता। अभी शनिवार को संसद में उन्‍होंने जिस तरह का भाषण दिया और अन्‍ना और उनकी टीम को जिस कदर कोसा, वह काफी हास्‍यास्‍पद था। संसद में लोग हंसे भी और अब भी जो सुन पा रहे हैं, सुन कर हंस रहे हैं। आप भी देखें, सुनें …

सौजन्‍य : गौरव कुमार

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