ग्रामीण जीवन-संस्कृति की व्याख्या करती है ये कहानियां

हरीश पाठक के कथा संग्रह ‘सोलह कहानियां’ का लोकार्पण

धुनिक संस्कृति ने भारतीय समाज की बुनियाद को गहरे प्रभावित किया है, जिसे कथाकार हरीश पाठक की कहानियों में देखा जा सकता है। ये कहना है जानी मानी कथा लेखिका चित्रा मुद्गल का। चर्चित कथाकार एवं पत्रकार हरीश पाठक के कथा-संकलन ‘सोलह कहानियां’ का लोकार्पण करते हुए उन्होंने ये बातें कहीं।

भारत भवन में स्पंदन के तत्वावधान में आयोजित एक भव्य समारोह में कथाकार, पत्रकार एवं राष्ट्रीय सहारा, पटना के स्थानीय संपादक हरीश पठक की कथा-पुस्तक ‘सोलह कहानियां’ का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर देश-विदेश के ख्यातिलब्ध साहित्यकार, लेखक उपस्थित थे। इस लोकार्पण समारोह में गोविंद मिश्र, रमेशचंद्र शाह, भगवत रावत, उर्मिला श्रीष, ज्योत्सना मिलन, संजय उपाध्‍याय, योगेंद्र भारद्वाज, अलख नन्दन, हरि भटनागर, बलराम गुमाश्ता, राम प्रकाश त्रिपाठी, राजेश जोशी सहित कई लब्ध प्रतिष्ठ साहित्यकार उपस्थित थे।

डॉ कलानाथ मिश्र की सूचना पर आधारित

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