एक फिल्म युवाओं की, एक फिल्म युवाओं के लिए
♦ गीतम श्रीवास्तव
करण जौहर की फिल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर दो दोस्तों की कहानी है, जो युवाओं को ध्यान में रखकर बनायी गयी है। इस बार करण जौहर ने नये चेहरों को मौका दिया है। इनमें से दो कलाकर फिल्म इंडस्ट्री के दो बड़े निर्देशकों की संतान हैं।
हालांकि फिल्म की कहानी में कुछ नया नहीं है, ये युवाओं की कहानी है जो देहरादून के एक स्कूल में पढ़ते हैं। ऐसा स्कूल, जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। इस स्कूल के डीन योगिंदर वशिष्ठ (ऋषि कपूर) और कोच शाह (रॉनित कपूर) के सिवा कोई फैकल्टी या कोई टीचर भी नहीं दिखता। साथ ही इसमें लव, डांस और खेलकूद के सिवा कुछ होता भी नहीं दिखता। ये फिल्म खास तौर पर दोस्तों पर केंद्रित है, जो पहले तकरार और बाद में गहरी दोस्ती पनपने का सफर तय करती है। साथ ही शुरू होता है लव ट्राईंगल और कुर्बानी भी। इन सबके बीच आज के दौर की प्रतिस्पर्धा भी कैसे दोस्ती पर हावी होती है, इसका चित्रण करण जौहर ने सटीक तरह से किया है। फिल्म में समलैंगिकता को भी अलग नजरिये से देखने की कोशिश की गयी है। ऋषि कपूर का एकतरफा समलैंगिक प्यार उनके कोच रोनित रॉय के लिए उमड़ता रहता है।

कलाकारों ने अपने किरदार को बखूबी निभाया है। महेश भट्ट की बेटी आलिया भट्ट ने अपने किरदार के साथ पूरा न्याय किया है। उनमें हर लिहाज से आने वाले समय की बेहतरीन संभावनाएं दिखती हैं। वरुण धवन (डेविड धवन के पुत्र) शानदार कलाकार हैं, जिन्होने एक अमीर बाप के बिगड़ैल बेटे का किरदार निभाया है और सभी दृश्यों में उनके भाव बिल्कुल सहज लगे। तीसरे किरदार सिद्धार्थ मलहोत्रा का काम भी सराहनीय था, लेकिन कुछ दृश्यों में उनका कच्चापन भी झलकता है। ऋषि कपूर ने अपने हाव भाव से गे किरदार को बखूबी निभाया है। रोनित रॉय भी ठीक रहे।
फिल्म की सिनेमेटोग्राफी और लोकेशंस पर की गयी मेहनत दिखती है। मनीष मलहोत्रा ने भी अपने परिधानों के जरिये फिल्म में दिखाये दो वर्गों टाटा (अमीर बच्चे) और बाटा (गरीब बच्चे) के बीच के भेद को खत्म करते हुए सभी को समान रूप से खूबसूरत दिखाया है। फिल्म का संगीत सुनकर भुला देने वाला है, जो कि पुराने फिल्मी गीतों का मुखड़ा लेने के बाद भी कोई असर नहीं छोड़ता। बाकी के गाने भी असरहीन हैं। इस फिल्म की सफलता यही है कि इसने फिल्म इंडस्ट्री को नयी प्रतिभाएं दी है।
रेटिंग ***
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(गीतम श्रीवास्तव। युवा पत्रकार। फ्रीलांसर। फिल्म अध्ययन और समीक्षा में विशेष रुचि। दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रैजुएट। उनसे geetam.media@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।)










es nirthak samiksa ko likhne ka matalab samajh me nahi aaya.
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