‘ट्रायल आफ एरर’ – मुस्लिम युवाओं के संघर्ष की रंगमंचीय अभिव्यक्ति

♦ मोहल्ला डेस्क

दो साल पहले उस वक्त पूरे देश में एक लहर सी दौड़ गई जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश पर जूता फेंकने के मामले को मशहूर फिल्मकार महेश भट्ट ने स्टेज पर एक नाटक के जरिए जीवंत कर दिया था। इस जूते को फेंके जाने के पीछे क्या वजह थी? क्या थे वो हालात जिसने मुंतजैर अल जैदी को बुश पर जूता फेंकने के लिये मजबूर कर दिया? नाटक ‘द लास्ट सैल्यूट’ में इस घटना को पेश किया था महेश भट्ट ने, जिसका हिस्सा पत्रकार मुंतजर-अल-जैदी भी बने। जैदी वही पत्रकार हैं जिन्होंने बुश पर जूता फेंका था। लेकिन खुद उन्होंने भी नहीं सोचा था कि उस घटना को इतनी खूबसूरती के साथ पेश किया जाएगा। इस नाटक का जीवंत रुपांतरण ही था जिसने जैदी को भी भाव-विभोर कर दिया था और भट्ट के इस नाटक ने जैदी को अंदर तक झकझोर दिया था। अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस घटना को भारत जैसे देश में नाटक में रुपांतरित करना एक महत्त्वपूर्ण कलात्मक हस्तक्षेप था।

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ये पहली बार नहीं था जब महेश भट्ट ने इस तरह के मुद्दे को उठाया हो, बल्कि समाज से जुड़े हुए मुद्दों को उन्होंने हमेशा सामने लाने की कोशिश की है। ‘जख्म’ और ‘सारांश’ जैसी फिल्में बना चुके भट्ट ने अपनी फिल्मों के जरिए ना सिर्फ समाज की नब्ज को पकड़ा है बल्कि उन मुद्दों को भी छुआ जो हम पर असर डालते हैं। हालांकि थियेटर भट्ट के लिए बिल्कुल नया माध्यम था, लेकिन इसके जरिये भी उन्होंने अपने संदेष को प्रभावी ढंग से दर्षकों के सामने रखा।

‘द लास्ट सैल्यूट’ को मिली जबरदस्त सफलता ने महेश भट्ट को इस बात पर यकीन करने के लिए मजबूर कर दिया कि थियेटर समाज में बदलाव लाने की ताकत रखता है, और इस साल वह फिर वापसी कर रहे हैं एक नए नाटक ‘ट्रायल आफ एरर’ के साथ। एक बार फिर से वे प्रामडाम फिल्म के संदीप कपूर के साथ इस नाटक का निर्माण कर रहे हैं जिन्हांेने ‘द लास्ट सल्यूट’ का भी निर्माण किया था। यह नाटक उन मुस्लिम युवाओं की समस्याओं पर केंद्रित है जिन्हें आतंकवादी समझ लिया जाता है और फिर न्याय के लिए किस तरह उन मुस्लिम युवाओं को जूझना पड़ता है, किन हालातों का सामना करना पड़ता है, इन्हें इस नाटक के जरिए जाहिर किया गया है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे काफी समय से नजरअंदाज किया जाता रहा है लेकिन अंदर-ही-अंदर ये हमारे समाज को खोखला बना रहा है।

भट्ट वैसे तो समाज से जुड़े हर मुद्दे पर अपनी राय जाहिर करते रहे हैं, लेकिन यह एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर उन्होंने समय-समय पर अपनी आवाज भी बुलंद की है। अक्सर देखा गया है कि जब भी देश में कोई बम ब्लास्ट होता है, तो उस घटना की तह में गये बिना ही मुस्लिम युवाओं को शक के आधार पर पकड़ लिया जाता है और ब्लास्ट का जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है। उन्हें जेल की चार-दीवारी में पिसने के लिए डाल दिया जाता है… फिर वहां शुरु होता है उन्हें प्रताडि़त करने का कभी ना रूकने वाला सिलसिला। परिस्थिति चाहे जो भी हो, लेकिन इसका खामियाजा युवा पीढी को ही झेलना पड़ता है। बहुत मुश्किल है उन युवाओं की मनःस्थिति को समझना, जिस वक्त उन्हें अपने भविष्य के बारे में सोचना चाहिए, उसके लिए योजना बनानी चाहिए, उस वक्त उन्हें बेडि़यों में बांधकर जेल में सड़ने के लिए छोड़ दिया जाता है।

गिरफ्तार युवाओं में से कुछ को आजादी नसीब होती भी है, लेकिन उसके बाद भी उनकी परेशानियां खत्म नहीं होती हैं। उन्हें नौकरी नहीं मिलती, समाज उनका तिरस्कार करता है। कभी ना खत्म होने वाली प्रताड़ना और साथ ही पुलिस और कानून के सवाल जिंदगी भर उन्हें पल-पल मरने के लिए मजबूर करते रहते हैं।

‘ट्रायल आफ एरर’ रेहान नाम के उस पत्रकार की जिंदगी की कहानी है, जो देश के अल्पसंख्यक समाज के साथ हो रही घटनाओं और उनके पीछे की सच्चाई को सामने लाने की कोशिश करता है, लेकिन अपनी खोज के दौरान वह पुलिस के जाल में फंस जाता है। इसके बाद कदम-कदम पर उसे ना सिर्फ यातनाएं सहनी पड़ती हैं, बल्कि उसे हर कदम पर दबाने की भी कोशिश की जाती है। लेकिन वह हार नहीं मानता, खुद को निर्दोष साबित करने के लिए सिस्टम के खिलाफ लड़ाई लड़ता है और आखिर में किस तरह सिस्टम उसे आतंकवादी साबित कर देता है, यही इस नाटक में दिखाया गया है।

इस नाटक का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता नाटककार वरयम मस्त करेंगे। वरयम एक जाने-माने कलाकार भी हैं जिन्होंने रंगमंच की शुरूआत 1947 में अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच के जानी मानी हस्ती बलवंत गार्गी के मार्गदर्शन में की थी। इस नाटक को राजेश कुमार ने लिखा है, जो ‘द लास्ट सैल्यूट’ की भी पटकथा लिख चुके हैं।

इस नाटक में फिल्म अभिनेता इमरान जाहिद मुख्य भूमिका में नजर आयेंगे। इमरान इससे पहले ‘द लास्ट सैल्यूट’ में मुंतजर-अल-जैदी का किरदार निभा चुके हैं। जैदी के किरदार में इमरान के अभिनय को जमकर सराहा गया था और मुंतजर के किरदार को जीवंत बनाने वाले इमरान ने अपनी शानदार अभिनय की बदौलत मीडिया में खूब सुर्खियां भी बटोरीं हैं।

‘ट्रायल आफ एरर’ का मंचन 29 मार्च, 2013 को श्रीराम सेंटर, मंडी हाउस में किया जाएगा। इसके अलावा यह नाटक मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, चंडीगढ, पटना, रांची, अलीगढ, श्रीनगर, हैदराबाद, बैंगलुरु, जम्मू, पुणे और दुबई में भी मंचित किया जायेगा।

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