ईश्‍वर नहीं है, लेकिन अल्‍लाह है!

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जो तथाकथित धर्मों की आड़ में खड़े होकर त्रिशूल, तलवार, बम, गोली से इस दुनिया को बेजुबान गुलामों की दुनिया में बदल देना चाहते हैं वे कभी कामयाब नहीं होंगे। जान देकर भी सच, न्याय, प्यार और कमजोरों की हिमायत में खड़ा होना ही असली धर्म है। अगर ऐसा होना होता तो समाज कबीला युग से आगे बढ़ ही नहीं पाया होता। हर दौर में खुले दिमाग वाले साहसी लोग संकीर्ण, बनैले दुनिया को असलहों से बंधक बना लेने की फंतासियों में जीने वालों से लड़े हैं और जीते हैं। कार्टून और व्यंग्य के फलने फूलने की कामना के साथ पेरिस में मारे गये पत्रकारों को श्रद्धांजलि।

➧ अनिल यादव [लेखक पत्रकार]

सात जनवरी की शाम, पेरिस में Charlie Hebdo के दफ्तर में इस्‍लाम को चाहने वाले तीन गुंडे घुसे और 12 इंसानों की हत्‍या कर दी। इनमें से चार फ्रांस के बड़े कार्टूनिस्‍ट थे और दो पुलिस के अधिकारी थे। हालांकि इस पत्रिका को कोई धमकी नहीं दी गयी थी। 2011 में Charlie Hebdo का एक विशेषांक निकला था। खास तौर पर उस अंक के लिए पत्रिका के नाम के अक्षरों में फेरबदल की गयी थी। Charlie Hebdo की जगह Sharia Hebdo… दोनों ही शब्‍दों का फ्रेंच उच्‍चारण एक होता है। उन दिनों ट्यूनेशिया की इस्‍लामिक पार्टी एन्‍नाहदा की राजनीतिक जीत पर इस पत्रिका का यह विशेषांक था और उसमें अतिथि संपादक के रूप में प्रोफेट मोहम्‍मद का कार्टून छापा गया था। कवर पर प्रोफेट मोहम्‍मद के कार्टून के नीचे छपा था, “सौ कोड़े लगाये जाएंगे अगर आप हंसी से नहीं मरे! (100 lashes if you don’t die of laughter!)”। उस वक्‍त इस पत्रिका की वेबसाइट हैक कर ली गयी थी और उस पर लिख दिया गया था, “ईश्‍वर नहीं है लेकिन अल्‍लाह है”।

ऐसा नहीं है कि इस पत्रिका ने पहली बार इस्‍लाम के कथित नुमाइंदों को अपना निशाना बनाया था, जिसकी कीमत 12 इंसानों की जान के रूप में चुकानी पड़ी। THE DEALY BEAST ने पत्रिका की ऐसी 16 कवर स्‍टोरी रेखांकित है, जिसमें मोहम्‍मद और इस्‍लाम का मजाक उड़ाया गया है।

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इस्‍लाम के गुंडों ने इस पत्रिका पर जिस तरह से अपनी खब्‍त निकाली है, उसके बाद ये कहना कठिन है कि आने वाले दिनों में पत्रिका का रुख क्‍या रहता है, लेकिन इस हादसे ने जो चीज पेरिस और फ्रांस तक सीमित थी, उसे पूरी दुनिया में जरूर पहुंचा दिया है। यह अभिव्‍यक्ति की आजादी पर हमला है, जिसका विरोध पूरी दुनिया में हो रहा है। मोहल्‍ला लाइव भी इस विरोध में शामिल है।

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