हमने यह कैसा समाज रच डाला है!!!

समझ में नहीं आ रहा कि India’s Daughter में ऐसा क्‍या है कि भारत सरकार इसे देश की नजरों से दूर रखना चाहती है। बलात्‍कारी, उसका वकील और इन जैसे ही कुछ लोग लड़कियों के बारे में क्‍या सोचते हैं – यही इस फिल्‍म का विषय है। आप देखिए कि बलात्‍कारी कितनी सहजता से पूरी घटना का ब्‍योरा दे रहा है। वकील कितने इत्‍मीनान से बता रहे हैं कि लड़कियां हद में रहें, वरना उनके साथ बेहूदगी जायज है। इस फिल्‍म को क्राफ्ट की कसौटी पर मत देखिए… देखिए कि “हमने यह कैसा समाज रच डाला है, इसमें जो दमक रहा शर्तिया काला है!”

[हमारी सरकार के डर से इस फिल्‍म के कई ऑनलाइन लिंक काम नहीं कर रहे, लेकिन यह फिल्‍म अब भी कई जगहों पर मौजूद है। खोजिए, देखिए और दिखाइए…]

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