संसद में भी बलात्‍कारी मानसिकता मौजूद है

♦ जावेद अख्‍तर

सर, सवाल यह है, गुस्‍सा इस बात पर है कि उस आदमी का इंटरव्‍यू क्‍यों लिया गया? गुस्‍सा इस बात पर है कि उस आदमी ने इतनी गलत बातें क्‍यों की? गुस्‍सा इस बात पर है कि यह दुनिया को क्‍यों बताया जा रहा है कि यह रेपिस्‍ट इतनी गंदी बातें कर रहा है। सर, इस तरह की बातें तो मैं इस हाउस में सुन चुका हूं कि एक औरत अगर इस तरह के कपड़े पहनेगी, एक औरत अगर रात को सड़क पर इस तरह घूमेगी, तो वह संकट को आमंत्रित कर रही है। अच्‍छा हुआ कि यह डॉक्‍युमेंट्री बनी है, इसलिए कि हिंदुस्‍तान के करोड़ों आदमियों को मालूम हुआ कि वे रेपिस्‍ट की तरह सोचते हैं। अगर यह गंदा लग रहा है, तो उन्‍हें अपनी सोच बदलनी चाहिए।

[राज्‍यसभा में चार मार्च को रिएक्‍ट करते हुए जावेद अख्तर]

Javed Akhtarजावेद अख्‍तर मशहूर फिल्‍मी गीतकार हैं। एक जमाने में सलीम खान के साथ उनकी जोड़ी बॉलीवुड में जलवे बिखेर रही थी। उन दिनों सलीम-जावेद की शोर, जंजीर, त्रिशूल, शक्ति और दीवार सहित दर्जनों फिल्‍मों ने हिंदी सिनेमा को एक्‍शन की जमीन पर नये आयाम दिये। उनके पिता जां निसार अख्‍तर तरक्‍कीपसंद शायर थे और मां सफिया अख्‍तर भी चर्चित उर्दू लेखिका थीं। उनके मामा मजाज थे। उनसे jaduakhtar@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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