Category: मोहल्‍ला लंदन

सिर्फ 8 लाख में बेच दी 64 सालों से संजोयी गांधी स्‍मृति! 2

सिर्फ 8 लाख में बेच दी 64 सालों से संजोयी गांधी स्‍मृति!

संजय झा मस्‍तान ♦ उस वक्त न तो सोशल मीडिया का फैशन था न टेलीविजन न कैमरा वाला मोबाइल… चारों तरफ सिर्फ बापू थे! उनकी हत्‍या के दिन घटना स्थल पर से खून से सनी मिट्टी और घास उठा के रखने वाले ने क्या सोचा होगा? उसने इतने सालों तक मरा हुआ खून और घास क्यों सहेज के रखा? आठ लाख में उसे क्या खरीदना था, जो उसने अपनी चौंसठ साल की तपस्या को भंग कर दिया? आज लाखों करोड़ों अरबों के घोटाले के बीच भी हमारे गरीब देश में आठ लाख बहुत सारा रुपया होता है … आठ लाख में क्या पता किसी को अपने बेटे की पढ़ाई करवानी हो या बेटी की शादी या इसे बेच के उस दूरदर्शी ने लंदन में बहुप्रचलित ‘बॉलीवुड’ की किसी फिल्म की हीरोइन का ब्रा और चड्डी खरीद लिया हो?

प्रदीप सौरभ को 2012 का अंतरराष्‍ट्रीय इंदु शर्मा सम्‍मान 13

प्रदीप सौरभ को 2012 का अंतरराष्‍ट्रीय इंदु शर्मा सम्‍मान

दीप्ति शर्मा ♦ कथा यूके के साथ अच्‍छी बात ये है कि वह पिछले दो सालों से जिन लोगों को इंदु शर्मा कथा सम्‍मान दे रहा है, वे ऐसे लोग हैं जो साहित्‍य के किसी गैंग से नहीं आते। पत्रकारिता के रास्‍ते उन्‍होंने साहित्‍य की थोड़ी तमीज पैदा की और अच्‍छे नॉवेल रचे। बिहार में पत्रकारिता को नया आयाम देने वाले विकास कुमार झा के बाद 2012 का अंतर्राष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान वरिष्‍ठ राजनीतिक पत्रकार प्रदीप सौरभ को उनके उपन्यास तीसरी ताली पर देने का निर्णय लिया गया है। इसकी सूचना कथा यूके के महासचिव और वरिष्‍ठ कथाकार तेजेंद्र शर्मा ने लंदन से जारी एक प्रेस रीलीज के जरिये दी। हिजड़ों एवं समलैंगिकों के जीवन पर आधारित यह उपन्यास अपने आप में अनूठा है।

सधी और तराशी हुई हैं तेजेंद्र शर्मा की कहानियां : राजेंद्र यादव

सधी और तराशी हुई हैं तेजेंद्र शर्मा की कहानियां : राजेंद्र यादव

प्रेस विज्ञप्ति ♦ कथाकार तेजेंद्र शर्मा ने जब अपने लिखे साहित्य को प्रवासी साहित्य कहे और माने जाने पर असहमति जतायी तो श्री यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि किसी भी लेखक को प्रवासी इसलिए नहीं कहा जाता कि उसे अपमानित करना है या अलग बिरादरी का दिखाना है, बल्कि इसलिए है क्योंकि हिंदी कहानी पच्चासों टुकड़ों में बंटी हुई है।

वो ख्वाब था जो शायद जालिम फासिस्ट ख्वाब था! 3

वो ख्वाब था जो शायद जालिम फासिस्ट ख्वाब था!

नतालिया वाया फ्रैंक हुजूर ♦ नतालिया का अंदाज हर एक जवां दिल का अंदाज है। मोहब्बत की सौगात है चुंबन, सर्दियों में और गर्मियों में। लंदन और बर्नले में यही वो सरगोशी है, जिसमें फर्क कर पाना नामुमकिन है। नतालिया की अदाएं एक चार्मिंग पेंटिंग है। यहां की फिजां ने उसे पेंट किया है।

दुनिया बदल गयी है मार्क्‍स, पर तुम्‍हारी जरूरत अब भी है! 10

दुनिया बदल गयी है मार्क्‍स, पर तुम्‍हारी जरूरत अब भी है!

अरविंद दास ♦ हाइड पार्क या मार्क्स की कब्र – दो में एक चुनना था और हमनें हाईगेट कब्रगाह जाने का निश्चय किया। कब्रगाह शहर से बाहर था। हाईगेट स्टेशन पर ट्यूब से निकल कर हम जिस कॉलोनी से कब्रगाह की ओर बढ़ रहे थे, वह पॉश कॉलोनी लग रही थी। ऊंची पहाड़ियों पर खूबसूरत भवन। महंगे कार और करीने से सजे लॉन।

झाल-ढपली बजा कर वेदांता के मालिक को सोये से जगाया 7

झाल-ढपली बजा कर वेदांता के मालिक को सोये से जगाया

डेस्‍क ♦ लंदन के अरबों के अपने आलीशान मेफेयर अपर्टमेंट में सोये वेदांता कंपनी के मालिक अनिल अग्रवाल को आज सुबह इन सात प्रदर्शनकारियों ने शोर मचा कर जगा दिया। इनके हाथ में ढपली और झाल थे और ये लगातार सीटियां बजा रहे थे। दुनिया भर में, ख़ासकर, जांबिया, ऑस्ट्रेलिया और भारत में वेदांता की लूट से प्रभावित लोगों के पक्ष में खूब नारे लगाये गये।

फोन के ईजाद से 33 साल पहले पैदा हुए अखबार की मौत 1

फोन के ईजाद से 33 साल पहले पैदा हुए अखबार की मौत

राजेश प्रियदर्शी ♦ ‘न्यूज ऑफ द वर्ल्ड’ के शुरुआती अंकों में ही वेश्यालयों पर पड़ने वाले छापों के विस्तृत वर्णन होते थे। बाद के वर्षों में फुटबॉल खिलाड़ियों, फिल्मी सितारों और अमीरों की रंगरलियों के किस्से छपने लगे। गंभीर पत्रकारिता वाले उसे ‘गटर न्यूज’ और ‘ट्रैश’ ही मानते रहे लेकिन ब्रिटेन के लाखों कामगारों ने ‘न्यूज ऑफ द वर्ल्ड’ का साथ पीढ़ी-दर-पीढ़ी दिया।

न्‍यूज ऑफ द वर्ल्‍ड के साथ पत्रकारिता का एक युग खत्‍म 13

न्‍यूज ऑफ द वर्ल्‍ड के साथ पत्रकारिता का एक युग खत्‍म

गोविंद सिंह ♦ यह अखबार भले ही ज्यादा बिकता था, लेकिन पाठकों के मन में उसकी कोई इज्जत नहीं थी। लोग उसे चटखारे लेने के लिए ही पढ़ते थे। उसमें रसूखदार लोगों की निजी जिंदगी के चर्चे, अपराध और सेक्स के किस्सों को नमक-मिर्च लगाकर परोसा जाता था। स्टिंग ऑपरेशन के जरिये ऑडियो-वीडियो सुबूत इकट्ठे किये जाते और गाहे-बगाहे प्रभावित लोगों को ब्लैकमेल भी किया जाता।

सनसनी प्रेमी इस चकमक दुनिया में एक बेगानी शादी 4

सनसनी प्रेमी इस चकमक दुनिया में एक बेगानी शादी

श्याम बिहारी श्यामल ♦ अभी यह ठीक-ठीक समझ पाना कठिन है कि पश्चिमी मीडिया का किन्हीं कुशल आर्थिक कारीगरों ने सचमुच शातिराना इस्तेमाल किया है या सनसनी-प्रेमी इस चकमक-चकाचक दुनिया ने खुद ही यह हास्यास्पद कारनामा कर लिया है। जहां एक शादी देखने के लिए पांच लाख लोग उमड़ रहे हों, वहां वर्ल्ड मीडिया का ध्यान केंद्रित होना भी लाजिमी है। लिहाजा, यह अंततः दुनिया का मोस्ट हॉट मीडिया-इवेंट बन गया। 180 देशों से सीधा प्रसारण हुआ। हद तो तब हुई, जब इसने टीआरपी के सारे पिछले रिकार्ड तोड़ दिये। दुनिया भर में बाकायदा 2.4 अरब लोगों ने टीवी पर यह हाई प्रोफाइल विवाह देखा।

विकास कुमार झा को कथा यूके का पुरस्‍कार, लंदन जाएंगे 4

विकास कुमार झा को कथा यूके का पुरस्‍कार, लंदन जाएंगे

दीप्ति शर्मा ♦ कथा यूके के महासचिव तेजेंद्र शर्मा ने लंदन से सूचित किया है कि वर्ष 2011 के लिए अंतर्राष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान पत्रकार-कथाकार विकास कुमार झा को उनके उपन्यास मैकलुस्कीगंज पर देने का निर्णय लिया गया है। इस उपन्‍यास का पुनर्प्रकाशन राजकमल प्रकाशन ने 2010 में किया है। डेढ़ दशक पहले यह उपन्‍यास स्‍वयं लेखक ने प्रकाशित किया था। यह उपन्यास दुनिया के एक अकेले एंगलो-इंडियन ग्राम की महागाथा है। इस सम्मान के तहत दिल्ली-लंदन-दिल्ली का आने-जाने का हवाई यात्रा का टिकट, एअरपोर्ट टैक्‍स, इंग्‍लैंड के लिए वीसा शुल्‍क, एक शील्ड, शॉल और लंदन के खास-खास दर्शनीय स्थलों का भ्रमण आदि शामिल होंगे।