Category: मोहल्ला दिल्ली

दिल्‍ली में क्‍यों बननी चाहिए आपकी सरकार?

➧ संजीव क्षितिज दिल्‍ली में चुनावी गर्मी अपने शवाब पर है। सभी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। लेकिन सर्वे बता रहे हैं कि आम आदमी पार्टी तमाम विरोधी पार्टियों पर भारी...

पक्‍की सरकार के लिए पक्‍के वादों का पंच

दिल्ली विधानसभा चुनाव घोषणापत्र 2015: 70 सूत्री कार्ययोजना ऊंचे स्थानों से भ्रष्टाचार मिटाने के लिए एक मजबूत और प्रभावी लोकपाल की मांग को लेकर देश भर में शुरू हुए एक लोकप्रिय आंदोलन से आम...

दिल्‍ली चुनाव मोदी के लिए वाटरलू होगा?

इस बार दिल्ली में केजरीवाल के लिए जो समर्थन दिख रहा है वह अभूतपूर्व है। निरंकुश शासन के खिलाफ विद्रोह की शुरुआत हो चुकी है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की जीत को लेकर...

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सेहत और शिक्षा: दिल्‍ली के लिए नये वादे

अस्पतालों में तीस हजार नये बिस्तरों, पांच सौ नये स्कूलों और बीस नये कॉलेज शुरू करने का आम आदमी पार्टी का वादा दिल्ली डायलॉग श्रृंखला के तहत आज आम आदमी पार्टी ने शिक्षा व...

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देश की जमीन अब अमीरों की, रईसों की

आम आदमी पार्टी ने चार जनवरी को अपने दिल्ली डायलोग के जरिये भूमि-अधिग्रहण अध्यादेश का विरोध किया था। सरकार के असंवेदनशील अध्यादेश पर आम आदमी पार्टी ने कड़ी आपत्ति जतायी और आज देश के...

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#AAP के दान पर आप की राजनीति

चंदा जुटाने के आम आदमी पार्टी के नये अभियान #IFundHonestParty चैलेंज का दान कर्ताओं व समर्थकों द्वारा बड़े ही उत्साह व गर्मजोशी के साथ स्वागत किया जा रहा है। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने...

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मैंने ईमानदार पार्टी को डोनेशन दिया #AAP

Donation guide video link आम आदमी पार्टी ने फंड जुटाने के अभियान में पारदर्शिता लाकर राजनैतिक फंडिंग के क्षेत्र में एक नया आयाम स्थापित किया है। देश में आम आदमी पार्टी ही एक मात्र...

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#AAP ने पकड़ा केंद्र सरकार का झूठ

भाजपा की केंद्र सरकार दिल्ली में अनधिकृत कालोनियों को नियमित करने से संबंधित अध्यादेश के बारे में लोगों को गलत सूचना दे रही है। मीडिया ने यह गलत खबर प्रकाशित की है कि केंद्रीय...

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#AAP बदलेगी दिल्‍ली के गांवों की तस्‍वीर

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली डायलॉग के चौथे चरण में विलेज डायलॉग के पहले हिस्से का आयोजन किया। पश्चिमी दिल्ली के नजफगढ़ में छावला के नजदीक घुमनहेरा गांव (Ghumanhera village) के सामुदायिक केंद्र में...

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मेरे भीतर एक कायर है, उसे मार देना चाहिए

अनुराग अनंत ♦ आम आदमी की सीमाएं वहां मुझसे जीत गयीं और मैं हार गया। मेरी आंखों में मेरा घर परिवार नाचने लगा था, मेरी जिम्मेदारियां कोई मेरे कानों में आवाज मार-मार कर मुझे याद दिलाने लगा। मैंने पाया मैं कैद हूं… और मैं डर गया। मैंने महसूस किया कि संविधान से ले कर लोकतंत्र तक की सारी समझ किताबी है…