Tagged: Arun Maheshwari

बुरे दिनों में चुटकुला भी एक हथियार है

➧ अरुण माहेश्‍वरी हिटलर के जमाने के व्हिस्‍पर जोक्स नाजी सैनिक और जासूस जानते थे, लेकिन इन्हें रोकते नहीं थे, क्योंकि यह उनके वश में नहीं था। आदमी बुरी से बुरी स्थिति में भी...

दिल्‍ली चुनाव मोदी के लिए वाटरलू होगा?

इस बार दिल्ली में केजरीवाल के लिए जो समर्थन दिख रहा है वह अभूतपूर्व है। निरंकुश शासन के खिलाफ विद्रोह की शुरुआत हो चुकी है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की जीत को लेकर...

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हिंसा के विरुद्ध कला के बढ़ते कदम

♦ अरुण माहेश्‍वरी फ्रांस में जो हुआ, वह दुनिया के किसी भी कोने में कभी भी हो सकता है। भारत में जो आज जिस प्रकार धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र आदि के नाम पर संगठित...

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फिर फिर शमशानी, भूखी पीढ़ी [अ‍कविता]

♦ अरुण माहेश्‍वरी क्‍या हिंदी साहित्य में फिर एक बार साठोत्तरी वाली अकविता, श्मशानी और भूखी पीढ़ी की पद-ध्वनि सुनाई देने लगी है? हालात तो बिल्कुल वैसे ही हैं। साठ के जमाने के नेहरू...