Tagged: Chhannulal Mishra

दो चार दिन बनारस : छोटी गैबी में छन्‍नूलाल जी से मिले 10

दो चार दिन बनारस : छोटी गैबी में छन्‍नूलाल जी से मिले

अविनाश ♦ छन्‍नूलाल जी ऐसे मिले, जैसे कोई बेहद अपना मिलता है। ढेरों किस्‍से बताये। पद्मभूषण से मिलने वाली खुशी बतायी। हमने कहा कि आप इन तमाम पुरस्‍कारों से बड़े हैं। उन्‍होंने कहा कि बिना कहे मिला इसलिए खुशी है। अब कलक्‍टर भी सलाम करता है। क्‍योंकि राष्‍ट्रपति ने सम्‍मानित किया है। जब देश का राष्‍ट्रपति ही सम्‍मान दे, तो कलक्‍टर को तो खड़ा होना ही पड़ेगा। ऐसी निश्‍छल खुशी और बिंदास बनारसी बातों में शाम का अंधेरा नजदीक आने लगा। हालांकि उनके कमरे में दिन-रात का फर्क नहीं पता चलता। रोशनी के लिए कहीं से कोई खिड़की नहीं थी। एक बॉल्‍व से हल्‍की सी रोशनी छन कर आती थी। हमने रियाज के बारे में पूछा, तो उन्‍होंने बताया कि अब 77 साल की उम्र में क्‍या रियाज।