Tagged: Danish Hussain

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Dastan-E-Amir Hamza in Berkeley [California]

➧ vatsala shrivastava Audience is the most ruthless critic. Performer’s stature or surprising gimmicks cannot draw undeserved praise from it. It strikes its palms together only for a special moment in which an artiste...

जुलिआनो की याद में हिल्‍ले ले झकझोर दुनिया हिल्‍ले ले! 2

जुलिआनो की याद में हिल्‍ले ले झकझोर दुनिया हिल्‍ले ले!

प्रकाश के रे ♦ तीस अप्रैल की शाम राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय दिल्ली के सम्मुख सभागार में जाने-माने फलस्तीनी-इजरायली फिल्मकार और नाटककार जुलिआनो मेर खमीस को दिल्ली के कलाकारों और कलाप्रेमियों ने श्रद्धांजलि दी। इसी साल चार अप्रैल को फलस्तीन के जेनिन में गोली मार कर जुलिआनो की हत्या कर दी गयी थी। पेश हैं उस अवसर की कुछ तस्वीरें और एक छोटा-सा विडियो…

सफ़दर की जनवरी थी और सौ साल के फैज़ अहमद फैज़ थे 1

सफ़दर की जनवरी थी और सौ साल के फैज़ अहमद फैज़ थे

अविनाश ♦ जमशेदपुर से आये एक खासे बुजुर्ग साथी ने फैज की नज्‍म पर बहुत खूबसूरत नृत्‍य पेश किया। रेखा राज की आवाज मानो इकबाल बानो की आत्‍मा से निकल रही थी, जब ताज उछाले जाएंगे, जब तख्‍त गिराये जाएंगे – हम देखेंगे। पाकिस्‍तान से आये नौजवान गायक अली सेठी ने फैज को जवां दिलों की धड़कन बताया। मुरली मनोहर प्रसाद सिंह के संपादन में निकला नया पथ का फैज पर निकला अंक लोकार्पित हुआ… और शाम में हमारे समय के निहायत ही समझदार फिल्‍मकार-रंगकर्मी महमूद फारूकी और दानिश हुसैन ने फैज की दास्‍तान सुनायी। रात की ठंडी हवाएं हड्डी में घुसने को बेताब थीं, लेकिन मेले की भीड़ का आलम था कि खुले आसमान के नीचे भी जगह जगह लोग अपनी अपनी टोलियों में गुफ्तगू कर रहे थे।