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प्रदीप सौरभ को 2012 का अंतरराष्‍ट्रीय इंदु शर्मा सम्‍मान 13

प्रदीप सौरभ को 2012 का अंतरराष्‍ट्रीय इंदु शर्मा सम्‍मान

दीप्ति शर्मा ♦ कथा यूके के साथ अच्‍छी बात ये है कि वह पिछले दो सालों से जिन लोगों को इंदु शर्मा कथा सम्‍मान दे रहा है, वे ऐसे लोग हैं जो साहित्‍य के किसी गैंग से नहीं आते। पत्रकारिता के रास्‍ते उन्‍होंने साहित्‍य की थोड़ी तमीज पैदा की और अच्‍छे नॉवेल रचे। बिहार में पत्रकारिता को नया आयाम देने वाले विकास कुमार झा के बाद 2012 का अंतर्राष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान वरिष्‍ठ राजनीतिक पत्रकार प्रदीप सौरभ को उनके उपन्यास तीसरी ताली पर देने का निर्णय लिया गया है। इसकी सूचना कथा यूके के महासचिव और वरिष्‍ठ कथाकार तेजेंद्र शर्मा ने लंदन से जारी एक प्रेस रीलीज के जरिये दी। हिजड़ों एवं समलैंगिकों के जीवन पर आधारित यह उपन्यास अपने आप में अनूठा है।

मोरवाल के ख़‍िलाफ़ ये साज़‍िश है या कुछ और 10

मोरवाल के ख़‍िलाफ़ ये साज़‍िश है या कुछ और

कथा यूके लंदन द्वारा संचालित अंतराष्ट्रीय इंदू शर्मा कथा सम्मान वर्ष 2009 का कथाकार भगवानदास मोरवाल के उनके तीसरे उपन्यास रेत पर देने की घोषणा हुई थी। यह सम्मान समारोह 9 जुलाई को ब्रिटिश संसद के नीचले सदन हाउस आफ कामन्स में संपन्न हो चुका है। समाचार पत्रों में छपी खबरों और मेरी जानकारी के अनुसार लौकरशाही की अड़चनों के चलते या कहिए लाख कोशिशों के बावजूद लेखक अपने विभाग (केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड) से देश से बाहर जाने की अनुमति प्राप्त नहीं कर सका। दूसरे शब्दों में कहें, तो एक लेखक के रूप में अपने कर्मचारी को हिंदी के एक सम्मान को, जो स्वंय उसके विभाग के लिए भी प्रतिष्ठा और गौरव की बात होती, लंदन जाकर उन्हें ग्रहण करने की इजाजत नहीं देता।