Tagged: Muhammad Sahab

0

जाहिलों पर क्‍या कलम खराब करना!

➧ नदीम एस अख्‍तर मित्रगण कह रहे हैं कि मालदा पर मैं क्यों नहीं लिख रहा। मेरा जवाब है कि नहीं लिखूंगा। भीड़ की शक्ल में दानव की जेहनियत लिए उन जाहिलों पर अपनी...