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आंदोलन की राह पर हमारकर्मी, एक मई से करेंगे तालाबंदी 11

आंदोलन की राह पर हमारकर्मी, एक मई से करेंगे तालाबंदी

हमारकर्मी ♦ हम सबने कंपनी के किये वादे के मुताबिक अपने-अपने देनदारों से 30 अप्रैल तक हर हाल में उधार चुकाने का वादा किया है। अगर ये वादे खोखले साबित हुए, तो हम सब अपनी जिंदगी का निकृष्टतम दौर देखने को मजबूर होंगे। एक मई को दुनियाभर में मजदूर दिवस मनाया जाता है। आशा है, हम सब दुखी कर्मचारियों की उपरोक्त मांगें 30 अप्रैल तक पूरा कर मजदूर दिवस को सार्थक साबित किया जाएगा। वरना, हमें बहुत दुख होगा – जब हमसब मजदूर दिवस पर चैनल के सारे काम-काज ठप्प करने पर मजबूर होंगे। महाशय, हम सबकी तरफ से नम्र निवेदन है कि हमारी चिंताओं को किसी भी तरीके का विद्रोह या नाफरमानी न समझा जाए।

शर्तें मानी गयीं, वीओआई की हड़ताल ख़त्‍म, ब्‍लॉग बंद 2

शर्तें मानी गयीं, वीओआई की हड़ताल ख़त्‍म, ब्‍लॉग बंद

वीओआईकर्मी ♦ वीओआई के संघर्षरत कर्मचारियों की सभी मांगें मान ली गयी। आज का दिन जश्न मनाने का दिन है। हमारा उद्देश्य चैनल बंद कराना नहीं था। हम तो अपना मेहनताना चाहते थे। अब तनख्वाह आ रही है। जो हुआ सो हुआ। हमारे मन में किसी के प्रति कोई दुर्भावना नहीं। जो हमारे साथ थे उन्हें धन्यवाद और जो लोग दगा दे गए उन्हें साधुवाद!!! हमारे मन में उनके प्रति भी कोई मैल नहीं। कोई बात नहीं, हम साथ काम करेंगे। हां दुख ज़रूर है, लेकिन दिल के घाव वक्त के साथ भर जाते हैं। हम उन्हें भी दिल से लगाते हैं। जिन लोगों ने सम्मान खो दिया है, वो लोग दोबारा सम्मान तो हासिल नहीं कर पाएंगे लेकिन हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। जब वो अभिनय कर सकते हैं तो हम भी कर लेंगे।

वीओआई की घटना ज्‍वालामुखी के सुलगने की शुरुआत है 14

वीओआई की घटना ज्‍वालामुखी के सुलगने की शुरुआत है

विनीत कुमार ♦ किसी पत्रकार के बच्चों का स्कूल से नाम कट गया, कोई पत्रकार अपनी पत्नी को खर्च से बचने के लिए उसके मायके पटक आया है, किसी ने पान-बीड़ी पर कटौती करके छोटे झोले में सब्जी दूध लाना शुरु कर दिया है। आपको ये सब सुनकर कैसा लगता है? क्या सिर्फ उनके प्रति संवेदना पैदा होती है, रहम खाकर कुछ मदद करने का मन करता है। क्या मेरी तरह आपके मन में भी घृणा, अफसोस, दया, सहानुभूति और गुस्सा एक साथ नहीं पनपता? लगता है कि इससे तो अच्छा होता वो बदहाल होकर भी अपने हक की लड़ाई लड़ने की स्थिति में होते, प्रोफेशन के स्तर पर लोगों के लिए हक की लड़ाई लड़ने के नाम पर स्वांग तो करते ही रहते हैं।

वीओआई प्रकरण : यही मौक़ा है, आओ संगठित हो जाएं 2

वीओआई प्रकरण : यही मौक़ा है, आओ संगठित हो जाएं

मज़्कूर आलम ♦ मीडिया कंपनियों वाले खबरदार हो जाएं। वॉयस ऑफ इंडिया के बहाने पत्रकार संगठित हो रहे हैं। बीच में लगभग सब कुछ बिखर गया था। बहुत दिन पहले की बात नहीं, जब श्रमजीवी पत्रकारों का संघ मज़बूत हालत में होता था और उससे जुडऩे में पत्रकार फख्र महसूस करता था। हमारे सीनियर साथी आज भी बीते ज़माने की गौरवगाथाएं गाते रहते हैं। किस तरह उन्होंने सेंटर टेबल टॉक में अपनी बात (श्रमजीवी पत्रकारों की) मालिकान से मनवायी। वे सारे संगठन हैं तो आज भी, लेकिन निष्क्रिय पड़े हैं। श्रमजीवी पत्रकारों के हकूक को लेकर उनके अभियान थम चुके हैं। नवोदित पत्रकारों को भी तरक्की की जल्दी रहती है। उनके पास इन संगठनों के लिए वक्त नहीं बचा।

दलाल पत्रकारों की न सुनें, वीओआई कर्मियों का साथ दें 30

दलाल पत्रकारों की न सुनें, वीओआई कर्मियों का साथ दें

डेस्‍क ♦ वॉयस ऑफ इंडिया न्यूज चैनल मीडिया में टाइटैनिक जहाज की तरह आया। आज वो उसी टाइटैनिक की तरह डूब रहा है। किसी ने कल्‍पना भी नहीं की होगी की यहां के पत्रकारों को भूखे रहने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। जो दूसरों के हक़ की बात करते हैं, आज उनका ही हक़ मारा जा रहा है। वॉयस ऑफ इंडिया के पत्रकार अब भी हड़ताल पर है। कई महीनों से बकाया अपनी तनख्वाह पाने के लिए वे धरने पर बैठे हैं। वीओआईकर्मियों ने तब तक धरने पर बैठने का फैसला किया है, जब तक उन्हें सारे पैसे न मिल जाएं। कर्मचारियों के इस क़दम से मालिकान हर चतुराई निबटने की कोशिश कर रहे हैं।

एयर इंडिया कर्मचारियों को कठोर फ़ैसले की चेतावनी 0

एयर इंडिया कर्मचारियों को कठोर फ़ैसले की चेतावनी

नई दिल्ली, 3 जुलाई। एयर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अरविंद जाधव ने शुक्रवार को दो घंटे की हड़ताल पर गए कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि कंपनी के सामने उपस्थित गंभीर वित्तीय संकट से निपटने के लिए आवश्यक कठोर फैसले का सामना करने के लिए वे तैयार रहें। जाधव ने कहा कि एयरलाइन की गंभीर वित्तीय स्थिति को देखते हुए सभी को आने वाले हफ्तों में कठोर फैसलों के प्रभाव के लिए तैयार रहना चाहिए।